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Bollywood cult movie : बॉलीवुड में मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़ी कई फिल्में बनाई गईं. ज्यादातर फिल्में सफल रहीं. फिर चाहे बात सत्या की हो या फिर 2002 में रिलीज हुई ‘कंपनी’ की. कुछ फिल्में हॉलीवुड से इंस्पायर होकर भी बनाई गईं. राजनीति-क्राइम-एक्शन को जोड़कर 20 साल पहले एक ऐसी फिल्म बनाई गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. फिल्म की कहानी मुंबई अंडरवर्ल्ड से भी ज्यादा पावरफुल थी. एक ऐसे शख्स की कहानी थी जिसका अपना सिस्टम है. फिल्म ने 3 अवॉर्ड भी जीते थे.
फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा ने ‘सत्या’ और ‘कंपनी’ के बाद हॉलीवुड फिल्म ‘गॉडफादर'(1972) से इंस्पायर्ड होकर एक ऐसी फिल्म बनाई जिसकी कहानी मुंबई अंडरवर्ल्ड से भी ज्यादा पावरफुल थी. 1 जुलाई 2005 को रिलीज हुई इस फिल्म का नाम ‘सरकार’ था. सरकार फिल्म में लीड रोल में अमिताभ बच्चन नजर आए थे. इसके अलावा, अभिषेक बच्चन, कैटरीना कैफ, केके मेनन, तनीषा मुखर्जी, सुप्रिया पाठक, अनुपम खेर, ईशा कोठारी, जाकिर हुसैन और कोटाश्रीनिवास राव जैसे सितारे नजर आए थे.

‘बंटी और बबली’ के बाद यह दूसरी फिल्म थी जिसमें अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन एकसाथ नजर आए थे. ‘सरकार’ फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार बाला साहेब ठाकरे से इंस्पायर्ड माना जाता है.

फिल्म का डायरेक्शन रामगोपाल वर्मा ने किया था. कहानी मनीष गुप्ता ने लिखी थी. रामगोपाल वर्मा ने पराग संघवी के साथ मिलकर फिल्म को प्रोड्यूस भी किया था. सरकार फिल्म को 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे.

सरकार फिल्म को बनाने की कहानी भी दिलचस्प है. पहले यह फिल्म संजय दत्त और नसीरुदीन शाह को साथ में लेकर बनाई जानी थी. रामगोपाल वर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘जब संजय दत्त को 1993 मुंबई बम धमाकों के केस में गिरफ्तार किया गया तो मैं उस समय एक फिल्म ‘नायक’ बना रहा था. इसी बीच वह गिरफ्तार हो गए. इसी बीच मैंने तेलुगू में एक एक्शन कॉमेडी फिल्म बनाई जो कि सुपरहिट रही. जब संजय दत्त बाहर आ गए तो मैंने एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘दौड़’ बनाई लेकिन फ्लॉप रही. फिर मैंने नायक फिल्म बनाने का आइडिया ड्रॉप कर दिया. कई साल बाद मैंने ‘सरकार’ फिल्म बनाई. तो नायक फिल्म ही सरकार थी. संजय दत्त इसमें अभिषेक बच्चन का रोल निभाने वाले थे. अमिताभ बच्चन का रोल नसीरुद्दीन शाह को निभाना था. नायक नहीं बनी तो सरकार बनाई गई. अगर नायक फिल्म बन जाती तो सरकार मूवी कभी नहीं बन पाती.’

रामगोपाल वर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में ‘सरकार’ फिल्म के कैरेक्टर और बाला साहेब की तुलना की सच्चाई बताई थी. उन्होंने कहा था, ‘सरकार फिल्म का किरदार एक रियलिस्टक सुपरमैन जैसा है. एक ऐसा श्ख्स जो सबकुछ कर सकता है. वह स्टंट नहीं करता लेकिन अपने कठोर निर्णयों से राज करता है. लोग उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आते हैं. वह गर्वमेंट के समानांतर ही अपना सिस्टम चलाता है. फिल्म में मेरे लिए बाला साहेब का रेफरेंस कुछ ऐसा ही था कि अगर वह अपना अस्तित्व रखते हैं, तो सरकार भी उसी के समान अपना अस्तित्व रखता है. बाला साहेब ने कोई चुनाव नहीं लड़ा लेकिन अपने व्यकितत्व से राज किया. वह जननेता जैसी छवि रखते थे लेकिन सरकार बाला साहेब की कहानी नहीं है. रेफरेंस प्वॉइंट जरूर मिलता-जुलता है लेकिन सरकार की अपनी एक अलग कहानी है. यह ऐसे शख्स की कहानी है जो बिना आधिकारिक पावर के अपना वजूद बनाता है.’

सरकार फिल्म का बजट करीब 14 करोड़ रुपये था. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 38.07 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सेमी हिट फिल्म साबित हुई थी. फिल्म की कहानी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. आगे चलकर राम गोपाल वर्मा ने सरकार राज और सरकार 3 फिल्म बनाईं.

यह पहली फिल्म थी जब अनुपम खेर ने रामगोपाल वर्मा के साथ काम किया. फिल्म में जाकिर हुसैन के किरदार पर अमिताभ बच्चन ने आपत्ति जताई थी. तब रामगोपाल ने उन्हें किसी तरह मनाया. यहीं से ‘मुझे जो ठीक लगता है, वही करता हूं…’ डायलॉग आया.

सरकार फिल्म में अमिताभ बच्चन की पत्नी का रोल सुप्रिया पाठक ने निभाया था. इससे पहले दोनों ने शहंशाह फिल्म में काम किया था. उस फिल्म में सुप्रिया पाठक ने अमिताभ की ऑनस्क्रीन बहन की भूमिका निभाई थी.

फिल्म 1972 में आई हॉलीवुड फिल्म ‘द गॉडफादर’ से इंस्पायर्ड थी. कहानी को भारतीय संदर्भ में लिखा गया था. द गॉडफादर से इंस्पायर होकर बॉलीवुड में कई फिल्में बनाई गईं, जिनमें धर्मात्मा, दयावान, जुल्म की हुकूमत, आतंक ही आतंक और सपूत जैसी फिल्में शामिल हैं.
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