सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों एवं माननीय जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेशानुसार आज 7 नवंबर 2025 को अपरान्ह महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre) का निरीक्षण एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव श्री शैलेन्द्र यादव द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रबंधक दीपिका सिंह सहित समस्त स्टाफ उपस्थित पाया गया। केंद्र में आवासित नवजात शिशु बालिका दुर्गा (6 माह 3 दिन), बालक सूर्याश (2 माह 6 दिन), बालिका कात्यायनी (1 माह 6 दिन) एवं बालिका वेदिका (10 दिन) की देखरेख और खानपान का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में परिसर की साफ-सफाई व अभिलेखों की स्थिति संतोषजनक पाई गई।
शिविर के दौरान कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम 2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961, मातृत्व लाभ अधिनियम 1961, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (POCSO), समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, तथा हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 सहित विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही निर्देशित किया गया कि जनपद में विधिक जागरूकता शिविर लगाकर आमजन को इन कानूनों के बारे में जागरूक किया जाए।
इसके अतिरिक्त, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर 2025 की तैयारियों को लेकर अपरान्ह 3:30 बजे सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उप संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार, ना० तहसीलदार ओबरा रजनीश यादव, ना० तहसीलदार घोरावल विदित तिवारी, एवं ए०पी०ओ० मनरेगा सुनील कुमार उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें।
श्री शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र ने बताया कि लोक अदालत में धारा 138 एनआई एक्ट, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक, श्रम, भूमि अधिग्रहण, सेवा से संबंधित विवाद आदि मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन स्तर के मुकदमों का भी निस्तारण कराया जाएगा।
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