सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज एवं जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नेत्र विभाग, महिला एवं प्रसूति विभाग, एनआरसी, सीएनसीयू, इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक, सामान्य वार्ड और वन स्टॉप सेंटर का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एस.के. सिंह और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य ने बताया कि आकस्मिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 20 बेड का ट्रॉमा सेंटर शुरू किया गया है। साथ ही ब्लड बैंक का संचालन भी प्रारंभ कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने ब्लड बैंक प्रभारी को निर्देशित किया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने जन औषधि केंद्र में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और उनके विक्रय का पूरा विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों की सफाई व्यवस्था, तौलिये बदलने की नियमितता, वार्ड बॉय की उपस्थिति और भर्ती मरीजों की देखरेख में नर्सों के सहयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ओपीडी भवन का स्पष्ट दिशा बोर्ड लगाया जाए ताकि मरीजों को भटकना न पड़े। इसी प्रकार इमरजेंसी भवन के बाहर भी सूचनात्मक बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को उनकी सुगमता से मिल रही सुविधा की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को निर्देशित किया कि एसएनसीयू (नवजात शिशु देखभाल इकाई) में निरंतर विद्युत आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जैसे जनरेटर या यूपीएस सिस्टम सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में मात्र दो बच्चों की उपस्थिति पर नाराजगी जताई और आरबीएस, डीपीओ व आईसीडीएस विभाग को निर्देश दिए कि गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभियान चलाकर कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कुपोषण की रोकथाम और बच्चों की मृत्यु दर कम करने के लिए नियमित टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।

जिलाधिकारी ने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को जिला अस्पताल में बनी सीसी रोड की गुणवत्ता सुधारने और वन स्टॉप सेंटर में बिजली व पानी की आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित करने के आदेश दिए। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि “स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, त्वरित उपचार और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
![]()











