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Bollywood Blockbuster Movie : बॉलीवुड में फैमिली ड्रामा का फॉर्मूला सबसे हिट माना जाता है. जब भी इस फॉमूले पर अच्छी स्क्रिप्ट के साथ फिल्में बनाई गईं, बॉक्स ऑफिस पर सफलता जरूर मिली. वैसे तो राजश्री प्रोडक्शन पारिवारिक मूल्य की फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है लेकिन बॉलीवुड के एक डायरेक्टर ने इसी हिट फॉर्मूले पर ऐसी फिल्म बनाई जिसमें तीन जनरेशन के सुपरस्टार एक साथ नजर आए थे. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ही भजन जैसा था. दर्शकों ने इस फिल्म पर खूब प्यार बरसाया था.
बॉलीवुड में डायरेक्टर-प्रोड्यूसर सूरज बड़जात्या का परिवार फैमिली ड्रामा की फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है. इसी हिट फॉर्मूले पर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर करण जौहर ने भी एक फिल्म बनाई थी. इस फिल्म में तीन जनरेशन के सुपरस्टार्स एक साथ नजर आए थे. यह एक मल्टी स्टारर फिल्म थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी स्टार कास्ट देखकर शूटिंग के पहले दिन करण जौहर सेट पर ही बेहोश हो गए थे. यह फिल्म थी : कभी खुशी कभी गम. यह भी मजेदार है कि फिल्म के 6 स्टार्स को करण जौहर ने एक ही दिन में साइन किया था.

‘कभी खुशी कभी गम’ 14 दिसंबर 2001 को रिलीज हुई थी. फिल्म में शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, रानी मुखर्जी, काजोल, करीना कपूर और ऋतिक रोशन जैसे दिग्गज एक्टर्स नजर आए थे. फिल्म की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके पहले शॉट में ही शाहरुख खान को हेलीकॉप्टर से उतरते हुए दिखाया गया था. धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ का म्यूजिक इतना मेलोडियस था कि आज भी इसके गाने सुने जाते हैं.

‘कभी खुशी कभी गम’ को k3G के नाम से जाना जाता है. इस फिल्म का सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि 6 बड़े एक्टर्स को डायरेक्टर करण जौहर ने एक ही दिन में साइन किया था. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने अपने पिता से कहा था कि मैं अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन, करीना कपूर के साथ काम करना चाहता हूं. एक दिन सुबह-सुबह मैं शाहरुख खान के घर स्क्रिप्ट लेकर पहुंचा. उसने स्टोरी सुने बिना ही फिल्म करने के लिए हामी भर दी. काजोल ने भी काम करने का वादा किया. फिर मैं अमिताभ बच्चन के घर गया. उन्हें कहानी सुनाई. मिस्टर बच्चन ने भी कहा कि वो फिल्म करेंगे. मैं उनके घर से निकला और फिर जया आंटी को कॉल किया. मैंने उनसे कहा कि मैं आपसे मिलना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि अभी तो तुम घर आए थे. मैंने कहा कि मैं प्रोफेशनल तरीके से आपसे मिलना चाहता हूं. मैंने उन्हें कहानी सुनाई. फिर मैं ऋतिक रोशन के घर पहुंचा. तब उसकी ‘कहो ना प्यार है’ रिलीज नहीं हुई थी. मुझे उस पर पूरा भरोसा था. मेरी अंतिम मीटिंग करीना कपूर से हुई. मजेदार बात यह है कि मैंने एक ही दिन में इन सभी 6 स्टार्स को साइन किया था.’

‘कभी खुशी कभी गम’ के तीन गाने जतिन-ललित ने कंपोज किए थे. इसमें से एक फिल्म का टाइटल भी था. ललित पंडित ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि इस फिल्म के टाइटल सॉन्ग को तैयार करने में बहुत मशक्कत करनी पड़ी थी. करण जौहर चाहते थे कि टाइटल सॉन्ग की थीम भजन जैसी हो लेकिन यह भजन जैसा ना लगे.

संगीतकार ललित पंडित ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘फिल्म का सबसे सिंपल गाना जो हमें लगता है, वही सबसे मुश्किल था. वो था टाइटल सॉन्ग. कभी खुशी कभी गम की कास्टिंग बहुत बड़ी थी, सभी को प्रेशर था. पहले गानों के स्केच भी नहीं बनते थे, अब बनने लगे हैं. हम लोग लाइव म्यूजिक-ट्यून सुनाते थे. करण जौहर ने कहा था कि टाइटल सॉन्ग भजन जैसा होना चाहिए लेकिन भजन लगना नहीं चाहिए. काफी प्रयास के बाद भजन बन गया जैसा कि करण चाहते थे लेकिन इसको बहुत बड़ा लता मंगेशकर ने बनाया.’

दिलचस्प बात यह है कि लता मंगेशकर ने उन दिनों गाना बिल्कुल बंद कर दिया था. जतिन-ललित ने उन्हें किसी तरह इस गाने के लिए राजी किया था. लता दी उन्हें बचपन से जानती थीं. ललित पंडित ने पूरे किस्से को एक इंटरव्यू में बताया था. उन्होंने कहा था, ‘लता दीदी उन दिनों गाना नहीं गाती थी. वो हमें बहुत प्यार करती थीं. मैंने उनसे कहा कि ये भजन हमने आपको सोचकर बनाया है. आप एक बार सुन लीजिए. यश चोपड़ा और पामेला चोपड़ा ने भी उनसे गाने की रिक्वेस्ट की थी. चारों तरफ से प्रेशर आया. गाना भी अच्छा था. उन्होंने फिर हामी भर दी.’

‘कभी खुशी कभी गम’ रिलीज होते ही छा गई थी. करण जौहर ने फिल्म के रिलीज होने का किस्सा शेयर करते हुए अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैं मुंबई में बॉम्बे हॉस्पिटल के पास लिबर्टी सिनेमाहॉल जा रहा था, जहां यह फिल्म चल रही थी लेकिन वहां पर बहुत बड़ा ट्रैफिक जाम था. रवीना टंडन के पति अनिल थडानी से मुझे मुलाकात करनी थी. मैंने झुंझलाते हुए पूछा कि ये जाम क्यों है? किसी ने जवाब दिया कि ये फिल्म देखने के लिए एडवांस बुकिंग की लाइन है. मैंने पूछा कि किस पिक्चर के लिए? उसने झल्लाते हुए कहा कि कभी खुशी कभी गम नाम की एक फैमिली फिल्म बनी है. मैं गाड़ी से उतरकर हीरोइन की तरह भागा. अनिल थडानी के सिनेमाहॉल के बाहर हाउसफुल का बोर्ड लगा हुआ था. दो हफ्ते तक फिल्म हाउसफुल चलती रही. मैंने पूछा कि फिल्म हिट है क्या? जवाब हां में मिला. मैंने पंजाब के डिस्ट्रीब्यूटर्स से बात की. वो बोले फिल्म अच्छी है लेकिन गदर जैसी नहीं. मैंने कहा कि ठीक है भैया, नंबर टू तो है ना. वो मैं सह लूंगा, फ्लॉप तो नहीं है.’

पारिवारिक मूल्यों पर आधारित कभी खुशी कभी गम की कहानी में पिता-पुत्र के बिगड़े रिश्तों, बेटे से बिछुड़ने के बाद मां के दर्द को बहुत ही खूबसूरती से पर्दे पर करण जौहर ने दिखाया था. फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर रहा था.फिल्म में 56 मिनट की लंबाई के कुल 11 गाने थे. करीब 40 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 135 करोड़ वर्ल्डवाइड का कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. ‘गदर: एक प्रेम कथा’ के बाद 2001 में यह फिल्म सबसे ज्यादा पैसे कमाने के मामले में दूसरे नंबर पर थी.
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