लखनऊ/एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में ‘विश्व मधुमेह दिवस’ के अवसर पर बादशाहनगर स्थित मंडलीय रेलवे चिकित्सालय के तत्वावधान में मधुमेह जागरूकता हेतु बहुउद्देशीय हॉल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम ‘मधुमेह और कल्याण’ पर आधारित इस शिविर का उद्देश्य मधुमेह के खतरे, लक्षण और रोकथाम के प्रति कर्मचारियों को जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रमेश चंद्र ने अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) श्रीमती नीतू और मैक्स हॉस्पिटल लखनऊ के एंडोक्रिनोलॉजी एवं डायबिटीज विभाग के प्रमुख निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. सुशील गुप्ता ने अपने व्याख्यान में बताया कि बिना लक्षण के भी डायबिटीज हो सकती है और इसे नजरअंदाज करना कई जटिल स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देता है। उन्होंने दिल, किडनी, नसें, मस्तिष्क और आंखों पर मधुमेह के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने डायबिटीज के विभिन्न प्रकार—टाइप-1, टाइप-2 और गर्भावधि मधुमेह—और प्रमुख लक्षण जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान, वजन घटना और धुंधली दृष्टि आदि पर प्रकाश डाला। डॉ. गुप्ता ने कहा कि समय पर दवा, इंसुलिन, उचित जीवनशैली और नियमित चिकित्सा जांच से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

शिविर में कुल 115 रेल कर्मचारियों की ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ऊँचाई, वजन आदि जांचें की गईं तथा डाइटिशियन द्वारा उचित खानपान संबंधी परामर्श दिया गया। कार्यक्रम का संचालन मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रमेश चंद्र ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक अंकित सचान, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक संजय तिवारी, डॉ. चंदा मलिक, मैक्स हॉस्पिटल की डाइटिशियन तथा रेलवे चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।
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