बीना/सोनभद्र। शक्तिनगर क्षेत्र के समीप ग्राम कोटा में सोमवार को संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ आस्था और उत्साह से परिपूर्ण भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। वृंदावन धाम से पधारे बाल व्यास देवेश कृष्ण महाराज इस एक सप्ताह चलने वाली कथा का वाचन कर रहे हैं। आयोजन स्व. यशवंत चौबे की स्मृति में किया गया है, जो 24 नवंबर तक चलेगा।
सुबह से ही ग्राम कोटा में धार्मिक उल्लास का वातावरण दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष पीतांबर–गेरुआ वस्त्रों में सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुए। परसवार राजा कोटा बस्ती से प्रारंभ हुई यह यात्रा मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के साथ कथा स्थल पहुँची, जहाँ वैदिक विधि-विधान से पूजा के उपरांत कथा आरंभ हुई।
कथा के दौरान देवेश कृष्ण महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण दस लक्षणों से युक्त ग्रंथ होने के कारण सभी पुराणों का सम्राट कहलाता है। यह भगवान श्रीकृष्ण का शब्दमय स्वरूप है, जिसकी कथा सुनने से मन शुद्ध होता है और कलियुग के दोष दूर होते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत में 12 स्कंध, 335 अध्याय और 28,000 श्लोक वर्णित हैं।
कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक परसवार चौबे में आयोजित की जा रही है।
सप्ताहभर का कार्यक्रम
18 नवंबर को अमरकथा, परीक्षित जन्म तथा शुक्रदेव आगमन का वर्णन किया जाएगा।
बुधवार: सृष्टि वर्णन, कपिलोपाख्यान, ध्रुव चरित्र
गुरुवार: प्रह्लाद चरित्र, श्रीराम व श्रीकृष्ण जन्म
शुक्रवार: गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग
शनिवार: रासलीला, रुक्मिणी विवाह
रविवार: सुदामा चरित्र, भागवत पूजन, व्यास पूजन
24 नवंबर: भंडारा एवं महाप्रसाद
कलश यात्रा और कथा के प्रथम दिन अरुणिमा, ममता, नीतू, रेखा, वंदना, अलंकृता, जमुना, प्रदीप, सोनू, कृष्णा, प्रीतम, नरेश, विजय, आलोक, आकर्ष सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। कथा स्थल पर भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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