निश्चित अवधि के लिए रखे गए कर्मचारी को भी स्थायी कर्मचारियों की तरह ही सभी लाभ मिलेंगे, जिसमें छुट्टी, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। स्थायी कर्मचारी के बराबर वेतन से आय और सुरक्षा का लाभ मिलेगा। ठेके पर काम की प्रवृति घटेगी।
‘महिलाएं सभी जगहों पर काम कर सकती हैं’
जिसमें उन्हें भूमिगत खनन और भारी मशीनरी जैसे उद्योगों में काम करने की इजाजत भी शामिल है। इसके लिए महिलाओं की अनुमति जरूरी है। इस कदम से सभी के लिए रोजगार के समान अवसर सुनिश्चित होंगे। हर कार्यस्थल पर सुरक्षा निगरानी के लिए जरूरी सुरक्षा समिति और खतरनाक रसायनों की सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करना जरूरी होगा। शिकायत निवारण समितियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया। महिला कर्मचारियों के परिवार परिभाषा में सास-ससुर को जोड़ने का प्रावधान, डिपेंडेंट कवरेज को बढ़ाना और समावेशिता को पक्का करना भी शामिल है।
ईएसआईसी कवरेज और लाभ
कामगारों में ईएसआईसी के तहत कवर और स्वास्थ्य लाभ देशभर में मिलेगा। जिन प्रतिष्ठानों में 10 से कम कर्मचारी होंगे, उनके पास भी इसे चुनने का विकल्प होगा, लेकिन खतरनाक कामों से प्रतिष्ठानों में इसे एक कर्मचारी होने पर भी अनिवार्य किया गया है।
आधार-लिंक्ड यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से लाभ आसानी से हासिल होंगे
प्रवास संबंधी किसी बाधा के बिना सभी राज्यों में लाभ मिलेंगे। अनुबंध कर्मचारी को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ऐसे कर्मी एक साल की लगातार सेवा के बाद ग्रेच्युटी के हकदार होंगे। स्वास्थ्य लाभ और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
जोखिम वाले श्रमिकों का रखा विशेष ध्यान
श्रम संहिताओं में खदान मजदूरों के जोखिमों का भी ध्यान रखा है। काम के दौरान सुरक्षा और सेहत की स्थिति को मानक बनाने के लिए मानदंड तय किए गए हैं। सभी कामगारों की स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, जिसमें सालाना मुफ्त स्वास्थ्य जांच शामिल है।











