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फरहान अख्तर की फिल्म ‘120 बहादुर’ 21 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. फिल्म की रिलीज से पहले अहिर समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन जब 120 बहादुर सिनेमाघरों में आई, तो दर्शकों का नजरिया पूरी तरह बदल गया. 1962 के भारत-चीन युद्ध पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है.
नई दिल्ली. एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज की फिल्म ‘120 बहादुर’ अब ऐसी कहानी बनकर सामने आई है, जो अहिर समुदाय के सैन्य इतिहास और उनकी वीरता को सम्मानजनक तरीके से दिखाती है. रिलीज के बाद फिल्म ने दर्शकों के बीच दिलचस्पी पैदा की है. फिल्म पर संदेह था, लोग इसपर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब 120 बहादुर दर्शकों का दिल जीतते दिख रही है.
फिल्म में मेकर्स ने अहिर रेजिमेंट के सैनिकों की हिम्मत, अनुशासन और त्याग को बेहद सच्चाई के साथ दिखाया है. दर्शक और क्रिटिक्स दोनों यह कह रहे हैं कि इसकी कहानी सिर्फ़ बहादुरी का प्रदर्शन नहीं करती, बल्कि गहराई से रिसर्च की गई डिटेल्स, सही भाषा और संस्कृति को ध्यान में रखकर बनाए गए किरदारों के जरिए समुदाय का असली स्वभाव सामने लाती है.
रिलीज से पहले फिल्म पर उठ रहे थे सवाल
पहले जब इस फिल्म को लेकर विरोध और सवाल खड़े हुए थे कि क्या समुदाय का सही प्रतिनिधित्व होगा या नहीं—अब वही लोग फिल्म देखने के बाद इसे सकारात्मक रूप से देख रहे हैं. कई दर्शकों का कहना है कि जिन्हें आपत्ति थी, उन्हें दोबारा फिल्म देखनी चाहिए, क्योंकि यह अहिर समुदाय की पहचान को गर्व और सम्मान के साथ पेश करती है—फर्ज, सम्मान और अदम्य साहस के रूप में.
120 bahadur मे अहीरो की वीरता दिखाई गई है
मै देख चुका हूँ, आप लोग भी देखे flop ना होने दे 🙂
हरियाणवी अहीरो की बातो मे मत आये खुद देखो 🙏 pic.twitter.com/kJgeCQTDRs
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