लखनऊ/एबीएन न्यूज। अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा संयुक्त रूप से 28 नवंबर 2025 को लखनऊ में आयोजित CII–RDSO सम्मेलन में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और भविष्य की रेल प्रणाली के स्वरूप पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में देशभर से आए उद्योग विशेषज्ञों और रेल अधिकारियों ने नई प्रौद्योगिकियों, सहयोग, नवाचार और सुरक्षा तकनीकों के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं आरडीएसओ महानिदेशक श्री उदय बोरवणकर ने कहा कि आरडीएसओ भारतीय रेल का मुख्य अनुसंधान एवं मानक निर्धारण संगठन होने के साथ-साथ देशभर की मेट्रो रेल प्रणालियों को भी सुरक्षा प्रमाणन और तकनीकी सहयोग प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि आरडीएसओ निरंतर तकनीकी विनिर्देशों को अद्यतन कर रहा है और हाल ही में 50 से अधिक प्रमुख विनिर्देश संशोधित किए गए।
सुरक्षा–महत्वपूर्ण कर्मचारियों के लिए उन्नत मनोवैज्ञानिक परीक्षण विकसित किए गए हैं, जो मानव–केंद्रित सुरक्षा दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। आधुनिक ट्रैक्शन, उन्नत सिग्नलिंग एवं संचार प्रणालियाँ, कवच तकनीक, तथा एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस आरडीएसओ के प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों का स्वागत है और आरडीएसओ अनुमोदन प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर तेजी से काम किया जा रहा है।
सम्मेलन में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने विभिन्न दृष्टिकोणों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की श्री अभिषेक सर्राफ, सम्मेलन अध्यक्ष एवं एमडी, अवध रेल इन्फ्रा लिमिटेड ने राष्ट्रीय रेल विकास और केंद्रीय बजट में घोषित नई पहलों को उद्योग जगत के लिए बड़ा अवसर बताया।
श्री सुशील कुमार, एमडी, यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कहा कि मेट्रो प्रणाली राष्ट्रीय रेल नेटवर्क का पूरक बनकर तेजी से विस्तार कर रही है। विकसित यूपी 2047 के तहत राज्य में 1,500 किमी मेट्रो नेटवर्क प्रस्तावित है। अकेले लखनऊ में 200 किमी से अधिक तथा कानपुर–आगरा मिलाकर लगभग 550 किमी नेटवर्क की योजना है। श्री रनीत राणा, जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड ने भविष्य की रेल प्रणालियों में उन्नत सामग्रियों, दक्षता और इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला।
आरडीएसओ के ईडी अनुसंधान श्री अमित श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे आधुनिकीकरण के साथ उद्योगों एवं एमएसएमई के लिए नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा, सुरक्षा प्रणालियों और उन्नत अवसंरचना विकास की बड़ी संभावनाएँ हैं।
सम्मेलन में रेलवे प्रगति के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित तीन तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें— भारतीय रेल की गति व क्षमता वृद्धि, रेलवे वैल्यू चेन के अवसर, बिज़नेस फॉर द बिज़नेस, कंडीशन मॉनिटरिंग एवं प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी साझा की। सम्मेलन ने उद्योग जगत और रेलवे के बीच सहयोग को नई दिशा देने के साथ रेल आधुनिकीकरण की प्राथमिकताओं को और स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।
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