पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट तेज है। राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी चरम पर है। चुनावी आयोग भी जोरोसोरो से अपनी तैयारी में लगा हुआ है। इसी बीच राज्य में बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) और चुनाव कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चुनाव आयोग (ईसीआई) ने चिंता जताई है। आयोग को शिकायतें मिली हैं कि राज्य में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम कर रहे कई बीएलओ को अज्ञात लोगों द्वारा धमकाया जा रहा है।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने शुक्रवार को राज्य के डीजीपी राजीव कुमार को पत्र लिखकर सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए। बता दें कि इससे पहले बुधवार को आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सीईओ दफ्तर में सुरक्षा चूक पर नाराजगी जताई थी। उस दिन कुछ बीएलओ दफ्तर में घुसकर अत्यधिक काम के बोझ के खिलाफ विरोध कर रहे थे, जिससे सुरक्षा में खामी सामने आई।
ये भी पढ़ें:- Kerala: सबरीमला जाने वाले श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत, अब केबिन बैग में ले जा सकेंगे ‘इरुमुड़ी’ के नारियल
भाजपा ने भी जताई चिंता
चुनाव आयोग के बाद बीएलओ के सुरक्षा मामले में भाजपा ने भी चिंता जताई है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में बीएलओ के बीच डर और दबाव के माहौल की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) बीएलओ पर दबाव डाल रही है और कई बार गलत जानकारी अपलोड करने को मजबूर भी कर रही है।
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश
इन शिकायतों को मद्देनजर रखते हुए चुनाव आयोग (ईसीआई) के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि बीएलओ और अन्य फील्ड कर्मचारी अगर डर में काम करेंगे तो एसआईआर का काम प्रभावित होगा। इसलिए पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि BLO की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, कोई डर, धमकी या दबाव का माहौल न बने और किसी जगह कोई अप्रिय घटना न होने दी जाए।
ये भी पढ़ें:- IMO: अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन की श्रेणी ‘बी’ के लिए फिर चुना गया भारत, हासिल किए 169 में से 154 वोट
राज्य में 80,000 से अधिक बीएलओ काम में जुटे
गौरतलब है कि पूरे राज्य में करीब 80,000 से ज्यादा बीएलओ फॉर्म बांटने, जमा करने और डेटा अपलोड करने का काम कर रहे हैं। आयोग का कहना है कि इन कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हाल की सुरक्षा चूक के बाद चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि कोलकाता स्थित सीईओ दफ्तर को जल्द ही अधिक सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए। साथ ही वर्तमान और नए दफ्तर में दोनों की सुरक्षा का जिम्मा कोलकाता पुलिस को दिया गया है।












