इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने चल रहे भ्रष्टाचार मुकदमे के बीच देश के राष्ट्रपति से आधिकारिक रूप से माफी मांगी है। यह कदम इस्राइल की राजनीति में बड़ा और असाधारण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया कि नेतन्याहू ने राष्ट्रपति कार्यालय के कानूनी विभाग को अपना माफी का आवेदन भेज दिया है। वहीं राष्ट्रपति कार्यालय ने इस आवेदन को ‘असाधारण और दूरगामी असर वाला कदम’ बताया है।
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नेतन्याहू पर क्या हैं आरोप?
बेंजमिन नेतन्याहू इस्राइल के इतिहास में पहले ऐसे मौजूदा प्रधानमंत्री हैं जिन पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चल रहा है। उनके खिलाफ तीन बड़े मामलों में आरोप दर्ज हैं। इसमें धोखाधड़ी, भरोसे का उल्लंघन, रिश्वत लेना शामिल हैं। इन मामलों में आरोप है कि नेतन्याहू ने अमीर व्यापारियों और राजनीतिक समर्थकों से उपहार और फायदे लिए और बदले में उन्हें लाभ पहुंचाया। हालांकि, अब तक किसी भी मामले में उनकी दोष सिद्धि नहीं हुई है। वह लगातार सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं।
नेतन्याहू का देशवासियों के लिए संदेश
इस्राइल के नागरिकों। मेरे खिलाफ जांच शुरू हुए लगभग दस साल हो गए हैं। इन मामलों में ट्रायल लगभग छह साल से चल रहा है और उम्मीद है कि यह कई और वर्षों तक चलेगा। जैसे-जैसे कोर्ट में मेरे खिलाफ झूठी दलीलों को पूरी तरह से गलत साबित करने वाले बयान और सबूत सामने आ रहे हैं, और जैसे-जैसे यह साफ हो रहा है कि मेरे खिलाफ सबूतों का ढांचा गंभीर अपराध करते हुए बनाया गया था, मेरा निजी हित रहा है और रहेगा कि इस प्रोसेस को आखिर तक जारी रखा जाए जब तक कि मैं सभी आरोपों से पूरी तरह बरी न हो जाऊं। लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक हकीकत, देश के हित, कुछ और ही चाहते हैं। इस्राइल देश बहुत बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है और उनके साथ-साथ खतरों को दूर करने के बहुत सारे मौके भी हैं। इन मौकों को पाने के लिए देश की एकता जरूरी है। ट्रायल का जारी रहना हमें अंदर से तोड़ रहा है। फूट डालने की यह कोशिश फूट को और बढ़ाती है। मुझे यकीन है, देश के कई और लोगों की तरह, कि ट्रायल का तुरंत खत्म होना आग को कम करने और उस बड़े मेल-मिलाप को बढ़ावा देने में बहुत मदद करेगा जिसकी हमारे देश को बहुत जरूरत है। मैंने इस मामले पर लंबे समय से बहस की है, लेकिन हाल ही में जो हुआ है, उसने केस की सुनवाई कर रहे जजों के पैनल के फैसले की वजह से तराजू को झुका दिया है। मुझे हफ्ते में तीन बार गवाही देनी है। यह एक नामुमकिन मांग है जो इस्राइल में किसी दूसरे नागरिक से नहीं की जाती।
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— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) November 30, 2025
मैंने राष्ट्रपति ट्रंप की हमारे राष्ट्रपति से बार-बार की गई अपील भी देखी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रायल को तुरंत खत्म करने की मांग की है ताकि मैं, उनके साथ मिलकर, इस्राइल और अमेरिका के जरूरी हितों को ऐसे समय में और जोरदार तरीके से बढ़ावा दे सकूं जिसके वापस आने की उम्मीद कम है। इस्राइल के प्यारे नागरिकों, बार-बार डेमोक्रेटिक चुनावों में मुझे चुना गया है और इस्राइल के प्राइम मिनिस्टर के तौर पर सेवा करते रहने के लिए आपका भरोसा मिला है। सबसे पहले और सबसे जरूरी इन ऐतिहासिक लक्ष्यों को पूरा करना है। इन्हीं वजहों से, वकीलों ने आज राष्ट्रपति से दया की याचना की है। मुझे उम्मीद है कि देश के भले के लिए सोचने वाला हर कोई इस कदम का समर्थन करेगा।
क्यों खास है यह माफी मांगने का फैसला?
बेंजमिन नेतन्याहू का यह कदम ऐसे समय आया है जब देश में उनके खिलाफ चल रही सुनवाई समाज को राजनीतिक रूप से दो हिस्सों में बांट चुकी है। इसके अलावा, कुछ हफ्ते पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस्राइल सरकार को नेतन्याहू को माफी देने की सलाह दी थी।
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नेतन्याहू की अपील पर आगे क्या होगा?
राष्ट्रपति को आवेदन मिलने के बाद अब कानूनी सलाहकारों की राय ली जाएगी। इसके बाद संसद और न्यायपालिका की प्रतिक्रिया पर भी विचार किया जाएगा। फिर राष्ट्रपति अंतिम फैसला लेंगे। यह फैसला इस्राइल की राजनीति के लिए आने वाले समय में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले पर अभी देश में बहस और विरोध जारी है, और सभी की नजरें अब राष्ट्रपति के निर्णय पर टिकी हैं।












