सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR-2026) का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गतिशील रूप से जारी है।
उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण, उनका एकत्रीकरण और डिजिटाइजेशन का कार्य 4 नवंबर 2025 से 11 दिसंबर 2025 तक संपन्न कराया जा रहा है। जनपद के सभी बीएलओ इस अवधि में प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचकर गणना पत्र वितरित कर रहे हैं तथा प्राप्त प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन तीव्र गति से पूर्ण किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रमुख कार्यक्रम
04 नवम्बर–11 दिसम्बर 2025 : बीएलओ द्वारा घर-घर गणना प्रपत्र वितरण, एकत्रीकरण एवं डिजिटाइजेशन
16 दिसम्बर 2025 : निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन
16 दिसम्बर 2025–15 जनवरी 2026 : दावे एवं आपत्तियाँ दाखिल करने की अवधि
16 दिसम्बर 2025–07 फरवरी 2026 : नोटिस, सुनवाई, सत्यापन तथा दावों/आपत्तियों का निस्तारण
14 फरवरी 2026 : निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन
100% डिजिटाइजेशन और मतदाता मैपिंग पर जोर
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी बीएलओ को निर्देशित किया गया है कि 3 दिसंबर 2025 तक 100% डिजिटाइजेशन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही, अनमैप्ड वोटरों की मैपिंग BLO ऐप के माध्यम से कराई जा रही है।
जो मतदाता त्रुटिवश अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृतक या डुप्लीकेट सूची में अंकित हैं, यदि वे वास्तविक रूप से वर्तमान में निवासरत हैं, तो उनके नाम ERO-Net के माध्यम से सही किए जाएंगे।
इसी क्रम में 4 और 5 दिसंबर 2025 को संबंधित ERO और AERO द्वारा बीएलओ को 50-50 के समूहों में बुलाकर तहसील मुख्यालय, विकास खंड मुख्यालय एवं अन्य निर्धारित स्थानों पर तकनीकी टीम की सहायता से विशेष महाभियान आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से सभी त्रुटियों का निराकरण कराया जाएगा।
इससे पहले यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बीएलओ ने वर्ष 2003 तथा वर्ष 2025 की मतदाता सूची की ऑफलाइन मैपिंग पूर्ण कर ली हो, ताकि पुनरीक्षण कार्य में कोई विसंगति न रह जाए।
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