सोनभद्र/एबीएन न्यूज। विश्व एड्स दिवस-2025 के अवसर पर जिले में एचआईवी/एड्स के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को एक विशाल रैली निकाली गई। मुख्य चिकित्साधिकारी, सोनभद्र ने मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली रॉबर्ट्सगंज शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए महिला थाना, काशी राम आवास आदि स्थानों से होकर जिला क्षय रोग कार्यालय पहुंचकर एक गोष्ठी में परिवर्तित हो गई।
इस जागरूकता रैली में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के सभी कर्मचारी एवं किर्ती पॉली नर्सिंग कॉलेज रॉबर्ट्सगंज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
इस वर्ष का थीम— “बाधाएं दरकिनार, एचआईवी पर सशक्त प्रहार”— को केंद्र में रखते हुए ओम प्रकाश पांडे कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज में गोष्ठी तथा नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि एचआईवी/एड्स के बारे में जानकारी और जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने बताया कि टीबी और एड्स के बीच गहरा संबंध है, इसलिए सभी टीबी रोगियों में एचआईवी जांच कराना अनिवार्य है। एचआईवी की जांच सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है तथा संक्रमित व्यक्ति का उपचार भी अन्य रोगियों की तरह ही किया जाता है।
इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी संक्रमण चार प्रमुख तरीकों से फैलता है— संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से, संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाए जाने से, संक्रमित सुई-सिरिंज के साझा उपयोग से, संक्रमित मां से होने वाले बच्चे तक। वहीं एचआईवी इन तरीकों से नहीं फैलता— हाथ मिलाने, साथ रहने, कपड़े बदलने, साथ भोजन करने, मच्छर के काटने, शौचालय या स्वीमिंग पूल साझा करने से संक्रमण नहीं फैलता। बचाव ही सर्वोत्तम उपाय।
उन्होंने कहा कि एचआईवी पीड़ित व्यक्ति से भेदभाव, तिरस्कार या घृणा नहीं करनी चाहिए। यह बीमारी किसी भी व्यक्ति को अनजाने में हो सकती है। समाज का दायित्व है कि उन्हें सम्मान और सहानुभूति मिले, न कि अलगाव। कार्यक्रम में आनंद मौर्य, सतीश सोनकर, अभिमन्यु, विजय, विमल, अखिल, शावेज, शिवशंकर सहित कई अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
![]()












