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पीयूष मिश्रा ने ग्वालियर के युवाओं को प्रेरित किया, एक्टिंग स्कूल की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी और अपने थिएटर से फिल्मों तक के सफर के बारे में बताया.
नई दिल्ली: ग्वालियर शहर ने हमेशा अपनी कला और संस्कृति में खास पहचान बनाई है और अब वहां के युवा कलाकारों के लैटेंट को निखारने की दिशा में नए कदम उठाए जा रहे हैं. इस कड़ी में बॉलीवुड और थिएटर के स्टार पीयूष मिश्रा ने अपने अनुभव बयां किए और ग्वालियर के युवाओं को प्रेरित करने वाली बातें कहीं.
पीयूष मिश्रा ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनका करियर लंबे और लगातार कोशिशों का परिणाम है. उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, ‘मैं ग्वालियर से आया था और धीरे-धीरे अपने स्ट्रगल और मेहनत के दम पर आगे बढ़ा. इस सफर से लोग प्रेरित हो सकते हैं. मैंने 40-50 साल पहले शुरुआत की थी. आज मैं इतना बड़ा तो नहीं हूं, लेकिन जितना भी हूं और पहले कुछ भी नहीं था, यह सफर देखना पड़ेगा. दशकों तक काम करते रहना पड़ेगा. 40 साल तक लगातार काम करना होगा. स्टार बनने के लिए यह बेहद जरूरी है.’
एक्टिंग स्कूल की जरूरत पर दिलाया ध्यान
ग्वालियर के कलाकारों और एक्टिंग स्कूल की जरूरत पर मिश्रा ने अपने विचार साझा किए. उन्होंने कहा, ‘ग्वालियर में भी भोपाल और दिल्ली जैसी एक्टिंग स्कूलों की जरूरत है. शहर के युवा कलाकार सीखने और आगे बढ़ने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं. अगर यहां एक्टिंग स्कूल खोले जाएं, तो ग्वालियर के लोग भी अपना टैलेंट को निखार सकते हैं और इंडस्ट्री में बेहतर मौके पा सकते हैं.’
धर्मेंद्र के निधन पर बयां किए जज्बात
धर्मेंद्र के निधन पर भी उन्होंने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. मिश्रा ने कहा, ‘यह जीवन का नियम है कि जो आता है, वह चला भी जाता है. धर्मेंद्र ने भारतीय सिनेमा में अपनी विशेष इमेज बनाई और उनके जाने से इंडस्ट्री का एक युग का अंत हो गया. उनकी परंपरा और कार्य को आगे बढ़ाने का जिम्मा अब सभी कलाकारों और इंडस्ट्री पर है.’ उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की विरासत को बनाए रखने के लिए कलाकारों को लगातार सक्रिय और मेहनती रहना होगा.
गीत लिखे और कुछ गाए भी
पीयूष मिश्रा ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में फिल्मों, गीत लेखन और संगीत निर्देशन में अपनी छाप छोड़ी. ‘गगन दमामा बाज्यो’ जैसे नाटकों से लेकर फिल्मों जैसे ‘दिल से’, ‘गुलाल’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘शमशेरा’ तक, मिश्रा ने अपने अभिनय और गीत लेखन दोनों में ही आलोचकों और दर्शकों का दिल जीता. उन्होंने ना केवल अभिनय किया, बल्कि कई फिल्मों में गीत लिखे और कुछ गाए भी, जिससे उनकी कला का दायरा और भी बढ़ा.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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