पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर यह मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को माइक्रो-ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि एसआईआर का दूसरा चरण पूरे पुनरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इसी पर निर्भर करेगा कि अंतिम मतदाता सूची कितनी सटीक, निष्पक्ष और छेड़छाड़-मुक्त होगी। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान अनुचित प्रभाव और हस्तक्षेप की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जो एसआईआर की विश्वसनीयता को खतरे में डालती हैं।
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उन्होंने आयोग से अपील की कि पूरा स्क्रूटनी चरण और सुनवाई CCTV कैमरों की निगरानी में कराई जाए और फुटेज को एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षित रखा जाए। उनके मुताबिक, यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा और किसी भी प्रकार की हेराफेरी की संभावनाओं को खत्म करेगा।
अधिकारियों ने कहा निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि माइक्रो-ऑब्जर्वर केंद्रीय कर्मचारियों में से हों, ताकि राजनीतिक दबाव की कोई गुंजाइश न रहे। भाजपा का दावा है कि इससे मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा और प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बढ़ेगा।












