सूफी टोला स्थित सपा नेता सरफराज वली खान और राशिद खां के मैरिज हॉल पर दो दिन से चल रही बुलडोजर की कार्रवाई पर बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। आदेश के बाद बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अफसर बुलडोजर और एक पोकलेन लेकर दोपहर वापस लौट गए।
10 दिसंबर तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
सरफराज के अधिवक्ता वैभव माथुर ने बताया कि फरहत जहां एवं अन्य बनाम उप्र राज्य एवं अन्य के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत हाईकोर्ट जाएं। एक हफ्ते यानी 10 दिसंबर तक याचिकाकर्ताओं को अंतरिम प्रोटेक्शन दिया जा रहा है। तब तक दोनों पार्टी यथास्थिति बनाए रखेंगे।
याचिकाकर्ताओं में रऊफ रहीम, वसीम अख्तर खान, रिजवान अहमद, शकील अहमद, हिमांशु गुप्ता, मोहम्मद तौहीद, मोहम्मद इमनरान सिद्दीकी व शाह आलम आदि शामिल हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट का आदेश देखते ही देखते सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म भी वायरल हुआ।
जब हॉल बना था तब नहीं पास होते थे भवन का नक्शा
सरफराज के बेटे सैफ वली खान ने कहा कि जब मैरिज हॉल बना था, उस समय न बीडीए था और न भवन का नक्शा पास होने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि बीडीए में वर्ष 2018 में मैरिज लॉन के कंपाउंडिंग का पैसा जमा किया था, उसकी रसीद आज भी उनके पास है। इसके बावजूद बीते शनिवार को अचानक नोटिस थमाकर मंगलवार से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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