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धर्मेंद्र ने सैंकड़ों फिल्में कीं, लेकिन उन्हें एक रोल गंवाने पर गहरा दुख पहुंचा था. भारत के पहले सुपरस्टार ने मशहूर फिल्म में वह रोल निभाया था. क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह फिल्म कौन सी थी?
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में 24 नवंबर को निधन हो गया था. उन्होंने हिंदी सिनेमा में गुजारे 60 सालों में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. कई पीढ़ियों का मनोरंजन किया और सबसे ज्यादा हिट फिल्मों में काम करने का रिकॉर्ड बनाया. धर्मेंद्र का फिल्मी सफर राजेश खन्ना के सुपरस्टार बनने और बाद में अमिताभ बच्चन के उदय के बाद भी बरकरार रहा. उनकी पॉपुलैरिटी कभी कम नहीं हुई.

धर्मेंद्र ने एक पुराने इंटरव्यू में ‘न्यूज तक’ से बातचीत में ‘खन्ना वेव’ और फिर ‘बच्चन सुनामी’ को देखने का अनुभव बयां किया था. उन्होंने माना कि वे कभी स्टारडम या रेस के पीछे नहीं भागे, जबकि वह दशकों तक सुर्खियों में रह सकते थे.

धर्मेंद्र ने कहा था, ‘जब राजेश खन्ना आए, तो वह एक मिथक बन गए. फिर अमिताभ आए और धीरे-धीरे एक टकराव दिखने लगा. मैंने 30-35 साल तक हिट फिल्में दीं, मैं चाहता तो किसी और को मौका ही नहीं मिलता. आज भी मैं हर जगह आ सकता हूं, लेकिन मुझे इसकी चाहत कभी नहीं रही. मुझे यह रेस कभी पसंद नहीं आई.’
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धर्मेंद्र ने लगातार चर्चा में रहने के कल्चर की भी आलोचना की और सवाल उठाया कि आर्टिस्ट खुद को सुर्खियों में रखने के लिए कितनी कोशिश करते हैं. वे बोले, ‘मुझे क्या बनना चाहिए कि लोग मेरे बारे में बात करते रहें? यह कब तक चलेगा? अगर कोई पूरी दुनिया भी जीत ले, तो उसका क्या मतलब?’

70 के दशक की शुरुआत में धर्मेंद्र और राजेश खन्ना के बीच तनाव की खबरें सामने आई थीं. धर्मेंद्र ने 2019 में अपने पोते की फिल्म के प्रमोशन के दौरान ‘द कपिल शर्मा शो’ में याद करते हुए कहा था कि जब निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना को कास्ट किया, तो वह कितने दुखी हुए थे.

धर्मेंद्र ने बताया, ‘ऋषि दा ने मुझे फ्लाइट में कहानी सुनाई थी. बाद में पता चला कि वह फिल्म राजेश खन्ना के साथ बन रही है. मैं इतना परेशान था कि रात भर ऋषिदा को फोन करता रहा, पूछता रहा कि उन्होंने वह रोल राजेश खन्ना को क्यों दिया? वह बार-बार कहते रहे कि सो जाओ, सुबह बात करेंगे, लेकिन मैं मानता ही नहीं था.’

धर्मेंद्र फिल्म ‘आनंद’ में काम नहीं कर पाए, लेकिन बाद में उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी के साथ ‘चुपके चुपके’ और ‘गुड्डी’ जैसी यादगार फिल्में कीं.

फिल्म ‘सत्यकाम’ में धर्मेंद्र की अदाकारी को कई लोग उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस मानते हैं. यह रोल उनके हुनर और विरासत की मिसाल है.
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