उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से तीन करोड़ से ज्यादा नाम कटेंगे। अब तक विभिन्न जिलों से जो रिपोर्ट मिल रही हैं, उसके तहत अनुपस्थित, स्थानांतरित, पहले से कहीं और दर्ज व मृतक (एएसडी) श्रेणी में 20 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता आ रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सूत्रों की मानें तो लखनऊ और गाजियाबाद में यह आंकड़ा 25-30 प्रतिशत तक हो सकता है।
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