उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में जंगली जानवरों ने आतंक मचा रखा है. ऐसे में स्कूली बच्चों की जान के लिए खतरा बना हुआ है. जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों जंगली जानवरों गुलदार, भालू और अन्य वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है.
लगातार जंगलों और आबादी वाले इलाकों में जंगली जानवरों के दिखने की घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं. ऐसे हालात में बच्चों का स्कूल आना-जाना एक बड़ी चुनौती बन गया था. इसको देखते हुए प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है. ऐसे में स्कूली छात्रों के लिए फ्री वाहन की सुविधा शुरू की गई है.
अभिभावकों में डर का माहौल
जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में असुरक्षित महसूस कर रहे थे. कई छात्र-छात्राओं को रोजाना सुनसान और जंगल से सटे मार्गों से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता था, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया था.
जिला प्रशासन से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. मांग का संज्ञान लेते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया कि स्थिति सामान्य होने तक संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों के लिए निःशुल्क वाहन सेवा उपलब्ध कराई जाए.
प्रशासन ने शुरू की निशुल्क सुविधा
प्रशासन ने विभिन्न गांवों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा कर 28 गांवों के लगभग 200 विद्यार्थियों के लिए 13 वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है. सोमवार से यह सुविधा विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्यों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शुरू कर दी गई है. वाहन संचालन की समस्त धनराशि जिला प्रशासन वहन करेगा.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के कदम को सराहा
ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय की सराहना की है. बढ़ते वन्यजीव आतंक के बीच यह कदम छात्रों के लिए बड़ी राहत बन रहा है और अभिभावकों के मन में सुरक्षा व विश्वास की भावना को मजबूती दे रहा है.










