सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति धीमी पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी को साप्ताहिक समीक्षा का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत विभाग, पूर्ति विभाग और डीसी एनआरएलएम का सहयोग लेकर आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रगति में शिथिलता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
बैठक में एनआरसी केंद्रों में सैम/मैम श्रेणी के कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर भी जिलाधिकारी ने चिंता व्यक्त की। जिला कार्यक्रम अधिकारी और आरबीएसके टीम को निर्देश दिए गए कि हर माह निर्धारित संख्या में बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई आशा बहुएं सरकारी अस्पतालों के बजाय गर्भवती महिलाओं को निजी चिकित्सालयों में भर्ती करा रही हैं। उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया कि ऐसी आशाओं के खिलाफ नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाए।

सीएचसी व पीएचसी के निरीक्षण में लापरवाही न बरतने की चेतावनी देते हुए डीएम ने कहा कि अनुपस्थित पाए जाने वाले डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। निजी चिकित्सालयों का नियमित निरीक्षण कर मासिक रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा गया।
यू.पी. हेल्प डेस्क बोर्ड की समीक्षा के दौरान बभनी और म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षकों द्वारा जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों — डॉ. राजन सिंह और डॉ. पी.एन. सिंह — के कार्यों की सराहना की। उन्होंने अन्य चिकित्सा अधीक्षकों से भी इसी स्तर का काम करने और अगली समीक्षा तक प्रगति सुधारने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल को निर्देश दिया कि मरीजों को दवा अस्पताल परिसर से उपलब्ध कराई जाए, बाहर की दवाएं लिखने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने सुरक्षित मातृत्व वंदना योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, परिवार नियोजन तथा टीकाकरण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्रों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर किसी भी स्तर पर कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज कुमार राय, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
![]()











