राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी बहन रोहिणी आचार्य के बयान का खुलकर समर्थन किया है। रोहिणी आचार्य के द्वारा सुरक्षा की मांग किए जाने के बाद, तेज प्रताप ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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जानिए क्या है मामला?
हाल ही में, रोहिणी आचार्य ने कथित तौर पर राजद के कुछ करीबी लोगों पर दुर्व्यवहार और अपमान का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की मांग की थी। इस पारिवारिक विवाद ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी थी। इसको लेकर रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप भी लगाए थे। फिर रोहिणी ने पार्टी और परिवार दोनों से नाता तोड़ लिया और मीडिया में आकार स्पष्ट रूप से इसका सारा ठीकरा तेजस्वी यादव पर फोड़ा था। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि मेरे मायके में यह सब कुछ सारे घर के बाकी सदस्य देखते रह गए लेकिन किसी ने भी तेजस्वी यादव के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। स्थिति ऐसी हो गई कि तेजस्वी यादव मीडिया के सामने भी आने से कतराने लगे। यहां तक कि पार्टी के विधायकों के द्वारा नेता प्रतिपक्ष घोषित किए जाने के बाद भी तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से मुलाकात नहीं की और सवालों के डर से बचते नजर आए थे तेजस्वी।
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तेज प्रताप ने क्या कहा?
तेज प्रताप यादव ने रोहिणी आचार्य के समर्थन में पहले भी आवाज उठायी थी। उन्होंने कहा था कि हमारी बहन का जो अपमान करेगा उस पर अब कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलेगा। इसके बाद गुरूवार को फिर रोहिणी आचार्य ने राजद अध्यक्ष लालू यादव के ‘परिवार’ पर वार करते हुए बेटियों के अधिकार पर सवाल खड़ा किया, जिसके बाद तेज प्रताप यादव ने रोहिणी आचार्य का समर्थन करते हुए कहा कि, “अगर मेरी बहन रोहिणी ने सुरक्षा की मांग की है, तो सरकार को तुरंत उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए”। तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अपनी बहन के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके समर्थन में आवाज उठाते रहेंगे। तेज प्रताप ने जोर देकर कहा कि बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि स्थिति इतनी चिंताजनक है कि “वे स्वयं यहां सुरक्षित महसूस नहीं करते”। तेज प्रताप ने सरकार से कानून-व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।












