सोनभद्र/लखनऊ/एबीएन न्यूज। सचिव/निदेशक माला श्रीवास्तव, आईएएस द्वारा सोनभद्र स्थित चूना-पत्थर (लाइमस्टोन) खदान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खनन कार्यों की प्रगति, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा प्रमुख खनिजों के उत्पादन और डिस्पैच की स्थिति का गहनता से जायजा लिया।
निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि वर्तमान में प्रमुख खनिजों के उत्पादन एवं डिस्पैच की निगरानी ऑफलाइन प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से निगरानी प्रणाली को ऑनलाइन किए जाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन निगरानी लागू होने से खनन गतिविधियों का अनुश्रवण आसान होगा और पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
इसके उपरांत जिलाधिकारी की उपस्थिति में वन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए, ताकि खनिज उत्पादन में बाधाएं दूर हों और क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सके।
खनन कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सचिव/निदेशक ने निर्देश दिए कि खनन कार्य केवल दक्ष एवं प्रशिक्षित कर्मियों के माध्यम से ही कराया जाए। साथ ही श्रमिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि इन पहलों से खनन क्षेत्र में सुरक्षा, पारदर्शिता और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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