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फिल्म ‘धुरंधर’ में गैंगवार के साथ-साथ पाकिस्तान की नापाक हरकतों को दिखाया गया है. फिल्म के जरिये वहां का ल्यारी इलाका सुर्खियों में आ गया है. फिल्म में इसे अपराध का गढ़ दिखाने पर पाकिस्तान नाराज है. पाकिस्तानी मंत्री भी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं. पाकिस्तानी सरकार फिल्म ‘मेरा ल्यारी’ के जरिये इमेज सुधारने की कोशिश कर रहा है.
नई दिल्ली: भारत की ‘धुरंधर’ फिल्म ने पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है. फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इस पर खूब चर्चा हो रही है. लेकिन खासकर पाकिस्तान में ल्यारी इलाके में पुलिस अधिकारी चौधरी असलम की इमेज को लेकर लोगों में नाराजगी है. पाकिस्तान की सरकार ने इस पर नाराजगी जताते हुए फिल्म ‘मेरा ल्यारी’ अगले महीने रिलीज करने की घोषणा की है. इस फिल्म के जरिए पाक सरकार यह मैसेज देना चाहती है कि ल्यारी हिंसा का गढ़ नहीं, बल्कि संस्कृति और साहस का प्रतीक है.
सिंध के मंत्री शरजील इनाम मेमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी करके कहा कि ‘धुरंधर’ में ल्यारी को गलत तरीके से दिखाया गया है. उन्होंने कहा कि ल्यारी केवल अपराध और हिंसा नहीं है, बल्कि यह शांति, प्रतिभा और गर्व की मिसाल है. ‘मेरा ल्यारी’ फिल्म असली ल्यारी की कहानी बताएगी. शरजील इनाम मेमन के बयान से साफ है कि पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय इमेज को लेकर परेशान है. ‘धुरंधर’ में ल्यारी में दिखाए गए गैंगवार और अपराध की दुनिया ने पाकिस्तान को परेशान कर दिया है. पाकिस्तान सरकार का ‘मेरा ल्यारी’ बनाने का कदम साफ इशारा करता है कि ‘धुरंधर’ ने उसे असहज कर दिया है. ‘मेरा ल्यारी’ को तैयार करने का उद्देश्य ‘धुरंधर’ में दिखाई गई इमेज को सुधारना है.
गैंगवार में ल्यारी में कई कब्रें बनीं
फिल्म ‘मेरा ल्यारी’ पाकिस्तान की तरफ से विरोध जताने का एक तरीका है, ताकि यह दिखाया जा सके कि उनका देश और उनके लोग केवल हिंसा और अपराध से जुड़े नहीं हैं. अगले महीने ‘मेरा ल्यारी’ रिलीज होने वाली है. ल्यारी, कराची का एक क्षेत्र है. ‘ल्यारी’ नाम ‘ल्यार’ से आया है, जो कब्रिस्तानों में उगने वाले पेड़ को कहा जाता है. 2000 के दशक में गैंगवार के दौरान ल्यारी में कई कब्रें बनीं. इसी शहर ने रहमान डकैत का भी जन्म, उदय और अंत देखा. 1990 के दशक में रहमान डकैत ने हथियारों, ड्रग तस्करी और उगाही के सहारे अपना साम्राज्य बनाया था. साल 2000 की शुरुआत तक उसने ल्यारी में ड्रग तस्करी, जबरन वसूली और जुआ रैकेट पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया था.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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