लखनऊ/एबीएन न्यूज। आज दिनांक 19 दिसंबर 2025 को मंडल रेल प्रबंधक श्री सुनील कुमार वर्मा की उपस्थिति में लखनऊ मंडल के संरक्षा विभाग द्वारा लखनऊ यार्ड की पीओएच साइडिंग में एक व्यापक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉकड्रिल का संयोजन वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री समर्थ गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। आयोजन स्थल डिवीजनल ऑपरेशनल ट्रेनिंग सेंटर/सेफ्टी कैंप के निकट, आलमबाग थाने के पीछे स्थित लखनऊ यार्ड रहा।
मॉकड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे एवं संबंधित एजेंसियों की त्वरित, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारी का परीक्षण करना था। अभ्यास के दौरान चंडीगढ़–वाराणसी यात्रा स्पेशल रेलगाड़ी के तीन कोचों में दुर्घटना एवं आग लगने की स्थिति का वास्तविक रूप में प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य, आग बुझाने की प्रक्रिया, यात्रियों के रेस्क्यू तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी कार्यविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

इस मॉकड्रिल में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), फायर ब्रिगेड विभाग, स्थानीय पुलिस, रेड क्रॉस सोसायटी, रेलवे का चिकित्सा विभाग, स्काउट एवं गाइड, रेल सुरक्षा बल, वाणिज्य एवं परिचालन विभाग, जिला प्रशासन एवं सिविल डिफेंस ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। सभी एजेंसियों के आपसी तालमेल से पूरे अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस दौरान घायल यात्रियों की सूची भी तैयार की गई तथा दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत मेडिकल यान को भी मौके पर तैनात किया गया।

मॉकड्रिल के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक श्री सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि रेलवे और राज्य प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के चलते इस पूरे अभ्यास को कुशलतापूर्वक अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से रेलकर्मियों को संभावित दुर्घटनाओं के प्रति सजग और जागरूक किया जाता है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में वे त्वरित राहत एवं बचाव कार्य करते हुए प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अभ्यास रेलकर्मियों को मानसिक और शारीरिक रूप से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करते हैं।
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