सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में स्थित विश्वप्रसिद्ध सलखान फॉसिल पार्क में शनिवार, 20 दिसंबर को दुद्धी तहसील क्षेत्र के महुली स्थित आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज एवं एम.एस. आदर्श महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति से जुड़े लगभग 1.4 अरब (1400 मिलियन) वर्ष पुराने स्ट्रोमैटोलाइट जीवाश्मों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
भ्रमण के समय विशेषज्ञों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि सलखान फॉसिल पार्क पृथ्वी के प्रारंभिक जैविक एवं भूवैज्ञानिक इतिहास का महत्वपूर्ण साक्ष्य है। यहां पाए जाने वाले स्ट्रोमैटोलाइट जीवाश्म उस कालखंड के हैं, जब पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन का निर्माण प्रारंभ हुआ था, जिसे वैज्ञानिक रूप से ‘ग्रेट ऑक्सीडेशन इवेंट’ कहा जाता है। इसी वैश्विक वैज्ञानिक महत्व के कारण सलखान फॉसिल पार्क को यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है।
शैक्षिक भ्रमण के क्रम में विद्यार्थियों को सोनभद्र जिले की ऐतिहासिक धरोहर अगोरी किला के गौरवशाली इतिहास से भी अवगत कराया गया। सोन नदी के तट पर स्थित यह किला चंदेल एवं खारवाल वंश के इतिहास से जुड़ा हुआ है। बताया गया कि प्रारंभ में यह किला खारवाल वंश के अधीन रहा, जिसे 12वीं शताब्दी में चंदेल राजपूतों ने जीतकर राजा भ्रमजीत ने अपनी राजधानी बनाया। बाद के काल में यह मुगल शासन के दौरान भी एक महत्वपूर्ण राजस्व केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा।

अगोरी किला वीर लोरिक और रानी मंजरी की अमर प्रेम गाथा के लिए भी जाना जाता है। किले में स्थित विशाल चट्टान के बारे में मान्यता है कि वीर लोरिक ने अपनी तलवार से इसे दो भागों में विभाजित किया था, जो आज भी प्रेम और पराक्रम का प्रतीक मानी जाती है। किले परिसर में देवी काली एवं अगोरी बाबा को समर्पित मंदिर भी स्थित हैं, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। साथ ही यहां मूर्तियों पर सिक्के चिपकने की रहस्यमयी घटना भी लोगों के बीच आस्था और कौतूहल का विषय बनी हुई है।
इस शैक्षिक भ्रमण में विद्यालय के प्रबंधक महबूब आलम, प्रधानाचार्य राकेश कुमार कन्नौजिया सहित शिक्षक अमित कुमार मिश्रा, संतोष कुमार कन्नौजिया, जय प्रकाश शर्मा, अवधेश कुमार, अभिषेक कुमार, आलोक कुमार, कृष्णा कुमार, विकास कुमार, अंजू कुमारी, आरती कुमारी, पूनम एवं रिंकी उपस्थित रहीं। वहीं एम.एस. आदर्श महाविद्यालय की ओर से नवनीत कुमार मिश्रा एवं कंचन देवी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने में सहायक होते हैं। विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोचक और प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।
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