डोंबिवली में कला, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का भव्य संगम देखने को मिला, जहां ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत माता की विशाल मोजैक कलाकृति का निर्माण कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया गया. करीब ढाई लाख से अधिक रंगीन दीयों से सजी यह भव्य कलाकृति वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया में दर्ज हुई है.
मुंबई के पास ठाणे जिले के डोंबिवली में आयोजित इस आयोजन ने न सिर्फ स्थानीय नागरिकों, बल्कि दूर-दराज़ से आए कला-प्रेमियों को भी आकर्षित किया है. डोंबिवली जिमखाना मैदान में स्थापित यह अद्भुत भारत माता की आकृति हर दिन हजारों दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है. कलाकारों ने लगातार 9 दिनों तक दिन-रात मेहनत कर दीयों को रंगते हुए इस अद्भुत मोजैक को साकार किया.
‘पूजन और वंदन बचपन से मिले संस्कारों का हिस्सा’
डोंबिवली में इस आयोजन की पहल भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के डोंबिवलीकर एक सांस्कृतिक परिवार द्वारा की गई. प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा, ”भारत माता का पूजन और वंदन बचपन से मिले संस्कारों का हिस्सा है. राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर भारत माता को अनोखी मानवंदना देने के संकल्प के साथ इस विश्व रिकॉर्ड का निर्माण किया गया.”
95 फीट ऊंची और 75 फीट चौड़ी भारत माता की मोजैक
यह भव्य मोज़ैक कलाकृति करीब 95 फीट ऊंची और 75 फीट चौड़ी है, जिसे मिट्टी से बने रंगीन दीयों के माध्यम से साकार किया गया है. इस कलाकृति को आकार देने में कलाकार चेतन राऊत प्रभु कापसे और वैभव कापसे की पिता–पुत्र जोड़ी सहित पूरी कलाकार टीम ने लगातार नौ दिनों तक दिन-रात मेहनत की. दीयों को रंगने से लेकर उन्हें सटीक रूप से स्थापित करने तक का कार्य अत्यंत सूक्ष्म और चुनौतीपूर्ण रहा.
बहरहाल यह बेहद ही खास कलाकृति डोंबिवली जिमखाना की ओर से आयोजित वार्षिक ‘उत्सव’ मेले का प्रमुख आकर्षण बनी हुई है और 28 दिसंबर 2025 तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी.










