सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने राजस्व कार्यक्रमों एवं कर-करेत्तर वसूली की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक में सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में गिरावट तथा धान क्रय व्यवस्था में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने डिप्टी आरएमओ को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी। साथ ही, उन्होंने रिटायरमेंट कर्मचारियों के देयों के भुगतान में देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान डीएम ने मानक के अनुरूप लक्ष्य प्राप्ति, तहसील स्तर पर बकायेदारों के विरुद्ध कार्यवाही, आरसी के नियमित मिलान, तथा सरकारी भूमि संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि वसूली कार्य में तेजी लाई जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए।
जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि तहसीलों में कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। राजस्व वादों एवं जमीनी विवादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर मौके पर जाकर किया जाए, ताकि जनता को अनावश्यक भटकना न पड़े तथा किसी के साथ अन्याय न हो।
बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को भी निर्देशित किया गया कि बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए तथा मिलावट पर रोक लगाने के उद्देश्य से छापेमारी की कार्यवाही तेज की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं फार्मूले का अक्षरशः पालन अनिवार्य है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी दुद्धी निखिल यादव, उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी घोरावल आशीष त्रिपाठी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, प्रशासनिक अधिकारी रामलाल यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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