राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नए साल 2026 की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की बीजेपी सरकार को नसीहत दे डाली. उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 राजस्थान के इतिहास में प्रशासनिक लापरवाही, संवैधानिक मर्यादाओं के हनन और जनविरोधी नीतियों के लिए याद किया जाएगा.
कांग्रेस नेता जूली ने कहा, “हम चाहते हैं कि नया साल पिछले साल से बेहतर हो, लेकिन इसके लिए सरकार को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी. 2025 की काली छाया 2026 पर न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि सरकार उन 5 बड़े दागों से सीख ले जिन्होंने प्रदेश की छवि को धूमिल किया है.”
कांग्रेस ने इन पांच मामलों का किया जिक्र
झालावाड़ स्कूल हादसा: सरकार की अनदेखी के कारण पिपलोद में मासूमों ने जान गंवाई. नया साल तब बेहतर होगा जब प्रदेश का एक भी बच्चा जर्जर छत के नीचे बैठने को मजबूर न हो.
SMS अस्पताल अग्निकांड: प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में मरीजों का जलकर मरना शर्मनाक है. सरकार सुनिश्चित करे कि 2026 में स्वास्थ्य सेवाएं ‘मौत का घर’ न बनें.
विपक्ष की जासूसी का प्रयास: लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सदन में कैमरे और रिकॉर्डिंग उपकरणों का सहारा लेना कायरता है. उम्मीद है नए साल में सरकार जासूसी के बजाय जनहित के मुद्दों पर नजर रखेगी.
सड़कें और ड्रेनेज फेलियर: बारिश में राजधानी जयपुर सहित प्रदेश की सड़कों का धंसना ‘स्मार्ट सिटी’ के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की गवाही देता है. जनता को गड्ढा मुक्त और सुरक्षित बुनियादी ढांचा मिलना चाहिए.
अरावली को बचाने का संकल्प: अरावली की परिभाषा बदलकर उसे खनन माफियाओं के हाथों बेचने का प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के साथ खिलवाड़ है. हम 2026 में अरावली की एक इंच जमीन भी माफियाओं को नहीं छूने देंगे.
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन गंभीर गलतियों को सुधारने के बजाय अपनी तानाशाही जारी रखी, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों से लेकर सदन तक कड़ा संघर्ष करेगी.










