लखनऊ / एबीएन न्यूज। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने वर्ष 2025 के अंतिम माह में परिचालन दक्षता और उत्पादन क्षमता के नए मानक स्थापित किए हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में गोण्डा स्थित आरओएच डिपो तथा गुड्स यार्ड ने रिकॉर्ड उपलब्धियाँ हासिल कर रेलवे संचालन क्षमता, माल परिवहन, सुरक्षा और विश्वसनीयता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मील के पत्थर स्थापित किए।
गोण्डा आरओएच डिपो, जो पूर्वोत्तर रेलवे का एकमात्र आरओएच (Regular Over Hauling) डिपो है, ने वैगन रखरखाव के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। फरवरी 2019 में जहां डिपो का आउट-टर्न मात्र 10 वैगन प्रतिमाह था, वहीं दिसंबर 2025 में निर्धारित लक्ष्य 158 वैगन के विरुद्ध 183 वैगन का रिकॉर्ड आउट-टर्न हासिल किया गया। यह अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन है। उन्नत रखरखाव तकनीक, गुणवत्ता मानकों का पालन और टीम वर्क की बदौलत रेलवे वैगनों की उपलब्धता एवं संचालन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसी क्रम में गोण्डा गुड्स यार्ड, जो पूर्वोत्तर रेलवे का एकमात्र प्रीमियम रेक परीक्षण डिपो है, ने भी दिसंबर 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वर्ष 1984 में प्रथम रेक परीक्षण से प्रारंभ हुई यात्रा और मई 2006 में प्रीमियम रेक परीक्षण सुविधा की स्थापना के बाद, दिसंबर 2025 में यार्ड ने 293 रेकों का सफल परीक्षण करते हुए पिछले तीन वर्षों का सर्वोच्च रिकॉर्ड कायम किया। बेहतर आधारभूत संरचना, कुशल तकनीकी टीम एवं आधुनिक परीक्षण व्यवस्था के चलते रेक संचालन की सुरक्षा और गति दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार ये उपलब्धियाँ न केवल पूर्वोत्तर रेलवे की परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि माल परिवहन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। रेलवे प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ लॉजिस्टिक क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव देखने की संभावना है।
इस उपलब्धि के लिए डिपो व यार्ड के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की गई है और भविष्य में भी ऐसे ही प्रदर्शन को जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।
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