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Sunny Deol Blockbuster Movies :बॉलीवुड में कई सितारों ने सिर्फ एक्टिंग को प्राथमिकता दी. उन्होंने रोल कैसा है, इस पर बहुत कम ध्यान दिया. अच्छे एक्टर की यही पहचान होती है. रोल पॉजिटिव-निगेटिव हो सकता है लेकिन एक्टिंग नहीं. एक्टिंग तो सिर्फ एक्टिंग होती है. बॉलीवुड में एक्शन हीरो के रूप में पहचान रखने वाले सनी देओल ऐसे ही एक्टर हैं. उन्होंने अपने करियर में कई तरह के रोल किए हैं. सनी ने अपने करियर की शुरुआत 1983 की फिल्म बेताब से की थी. अर्जुन, घायल, दामिनी, घातक जैसी एक्शन फिल्मों से अपनी एक अलग ही पहचान बनाई. सनी देओल ने दो ऐसी फिल्में भी कीं जिसमें उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए. दिलचस्प बात यह है कि इसमें से एक फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्ट रही, जबकि दूसरी फिल्म डिजास्टर साबित हुई थी. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं……
सनी देओल का नाम लेते ही घायल, दामिनी, घातक, बॉर्डर और गदर एक प्रेम कथा जैसी फिल्मों के नाम जुबान पर आ ही जाते हैं. इन फिल्मों के कालजयी डायलॉग्स भी दिल-दिमाग में घूमने लगते हैं. टीवी शोज, रियल्टी शो से लेकर आम जनजीवन में इन फिल्मों के डायलॉग बोले जाते हैं. तारीख-पर तारीख जैसे कालजयी डायलॉग को भला कौन भुला सकता है. गदर फिल्म के ‘हैंडपंप उखाड़ने वाला’ आइकॉनिक सीन हमेशा सिनेमा प्रेमियों के जेहन में रहेगा. एक्शन हीरो सनी देओल ने भी पाकिस्तान बेस्ड कई फिल्मों में काम किया. दो फिल्मों में उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए. ये फिल्म थीं : गदर : एक प्रेमकथा और काफिला. आइये जानते हैं इन दोनों फिल्मों से जुड़े दिलचस्प तथ्य……

सनी देओल ने देशभक्ति से ओत-प्रोत कई फिल्मों में काम किया है. 13 जून 1997 की बॉर्डर फिल्म में उन्होंने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का रोल निभाकर सबका दिल जीत लिया था. इस फिल्म का डायरेक्शन जेपी दत्ता ने किया था. यह मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. चार साल 2001 में अनिल शर्मा की एक फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इसका नाम ‘गदर : एक प्रेम कथा’ था. इस फिल्म की कहानी, गीत हो या संगीत या डायलॉग, सिनेमेटोग्राफी सब कुछ आइकॉनिक था. ऐसी फिल्में कई साल में एक बार बनती हैं. ऐसी फिल्में बनाई नहीं जातीं, बस बन जाती हैं. गदर एक प्रेमकथा में इंडिया-पाकिस्तान के विभाजन, लव स्टोरी, एक्शन ड्रामा, ब्लॉकबस्टर गाने….यानी वो सबकुछ था जो दर्शकों का मनोरंजन कर सके.

अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी गदर फिल्म 15 जून 2001 को रिलीज हुई थी. यह एक पीरियड ड्रामा एक्शन फिल्म थी. इस फिल्म को लेकर पूरे देश में एक खास तरह का जुनून देखने को मिला था. गीतकार आनंद बख्शी ने इस फिल्म की कहानी सुनकर रो पड़े थे. उन्होंने कई बार अपने आंसू पोछे. उसी समय डायरेक्टर अनिल शर्मा से कहा था कि यह फिल्म ‘मुगले-ए-आजम’ साबित होगी. हुआ भी ठीक वैसा ही. फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. सनी देओल, अमीषा पटेल और अमरीश पुरी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म की कहानी शक्तिमान तलवार ने लिखी थी. म्यूजिक उत्तम सिंह का था. बजट सीमित होने की वजह से अमीषा पटेल को फिल्म में लिया गया था.
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डायरेक्टर अनिल शर्मा भारत-पाक विभाजन और कश्मीरी पंडितों के पलायन पर दिलीप कुमार के साथ एक फिल्म बनान चाहते थे. फिल्म में वो एक सब प्लॉट जोड़ना चाहते थे. उन्होंने अपने राइटर दोस्त शक्तिमान तलवार से एक भारतीय लड़के और पाकिस्तानी लड़की की लव स्टोरी पर सब प्लॉट लिखने को कहा. जब शक्तिमान तलवार ने सब प्लॉट लिखा तो अनिल शर्मा रोमांचित हो उठे. उन्होंने सब प्लॉट पर ही फिल्म बनाने दी और कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनने वाली फिल्म को बंद कर दिया. इस तरह से गदर फिल्म के बनाने की शुरुआत हुई.

अनिल शर्मा ने पूरी फिल्म सनी देओल को ध्यान में रखकर लिखी थी. अनिल शर्मा धर्मेंद्र के साथ ‘हुकूमत, ऐलान-ए-जंग, फरिश्ते’ जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके थे. गदर फिल्म की कहानी सुनाने के लिए वो हैदराबाद गए. सनी देओल उन दिनों हैदाराबाद में एक फिल्म की शूटिंग की सिलसिले में गए हुए थे. रात में तीन घंटे तक कहानी सुनने के बाद सनी ने सिर्फ इतना कहा था कि क्या वो इस फिल्म में शामिल हो सकते हैं. अनिल शर्मा समझ गए कि सनी देओल फिल्म करना चाहते हैं.

अब बात करते हैं फिल्म के उस आइकॉनिक सीन की जो मूवी की स्टोरी से भी बड़ा हो गया. फिल्म में सनी देओल पाकिस्तान जाते हैं. वहां सबके सामने अपने पत्नी-बच्चे के लिए इस्लाम कुबूल करते हैं. इस्ल्मा जिंदाबाद का नारा लगाते हैं, फिर ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा भी लगाते हैं. जैसे ही उनसे ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ का नारा खेलने के लिए कहा जाता है, सनी देओल भड़क उठते हैं. वो जवाब में कहते हैं, ‘हमारा हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है, और जिंदाबाद रहेगा.’ फिर वो तीन बार ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाते हैं. फिर वो आइकॉनिक सीन सामने आता है, जिसमें वह हैंडपंप उखाड़ते नजर आते हैं.

दिलचस्प बात यह है कि पहले हैंडपंप की जगह फव्वारा था. अनिल शर्मा को लगा कि हीरो फव्वारा तक कैसे पहुंचेगा? फिर उन्होंने फव्वारे की जगह पर हैंडपंप लगवा दिया. पूरी यूनिट को इस सीन पर ऐतराज था. पूरे तीन घंटे तक शूटिंग रुकी रही थी. पूरी यूनिट अनिल शर्मा से असहमत थी लेकिन उन्होंने सिर्फ अपने दिल की आवाज सुनी. यही सीन आइकॉनिक बन गया. अनिल शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मुझे ऐसा गुस्सा आ रहा था कि हीरो से बिल्डिंग ही उखाड़वा देता. हनुमान जी ने पहाड़ उखाड़ दिया था तो तारा सिंह हनुमान हैंडपंप क्यों नहीं उखाड़ सकता? मैं अड़ गया और सीन को पूरा किया.’ फिल्म ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. करीब 18.5 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 133 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. यह भारत की सबसे ज्यादा देखी फिल्म की लिस्ट में तीसरे नंबर पर है.

2001 में गदर फिल्म के बाद सनी देओल की एक और फिल्म इंडियन आई थी जिसे एन. महाराजन ने डायरेक्ट किया था. यह एक एक्शन फिल्म थी जिसे धर्मेंद्र ने विजेता फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया था. यह एन. महाराजन की तमिल फिल्म की रीमेक थी. फिल्म में सनी देओल, शिल्पा शेट्टी, डैनी डेंजोगप्पा लीड रोल में थे. राज बब्बर, मुकेश ऋषि और राहुल देव भी अहम भूमिकाओ में थे. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी. इस फिल्म की कहानी भी भारत-पाकिस्तान पर ही बेस्ड थी. देशभक्ति की फिल्म थी. फिल्म की शुरुआत ही कश्मीर से होती है, जहां पर आतंकवादी कुछ भारतीय सैनिकों को अगवा कर लेते हैं और उन पर जुल्म ढाते हैं. फिल्म में सनी देओल ने डीसीपी चंद्रशेखर आजाद का किरदार निभाया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.

2007 में एक बार फिर से सनी देओल भारत-पाकिस्तान बेस्ड एक और फिल्म में नजर आए थे. फिल्म का नाम था : काफिला. इस फिल्म का डायरेक्शन अमिजोत मान ने किया था.फिल्म 10 अगस्त 2007 को पंद्रह अगस्त से पहले रिलीज हुई थी. फिल्म में सनी देओलो, अमिजोत मान, सना नवाज, सारा लोरेन और सुदेश बेरी नजर आए थे. म्यूजिक सुखविंदर सिंह ने दिया था. म्यूजिक बहुत ही औसत था. गाने बाबू सिंह मान ने लिखे थे. बैकग्राउंड स्कोर संजॉय चौधरी ने तैयार किया था. इस फिल्म में पहली बार सनी देओल ने किसी पाकिस्तानी अफसर का रोल निभाया था. सनी देओल के किरदार का नाम कर्नल समीर अहमद खान था.

फिल्म में उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए थे. फिल्म में वो भारतीयों को बॉर्डर पार करवाते नजर आते हैं. अपने ही वतन के लोगों से भिड़ते नजर आते हैं. फिल्म में सनी देओल का गेस्ट रोल था, लेकिन पोस्टर-प्रमोशन में सनी देओल छाए हुए थे. बंटी वालिया 1996 के माल्टा नाव हादसा पर ‘उम्मीद’ नाम से एक फिल्म बनाना चाहते थे. इस फिल्म का डायरेक्शन नवराज कौर को करना था. फिल्म के लिए संजय दत्त, अभिषेक बच्चन को साइन किया गया था लेकिन यह फिल्म बंद हो गई. बाद में इसी स्टोरी पर सनी देओल की फिल्म काफिला बनाई गई. 17 करोड़ के बजट में बनी काफिला फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 4 करोड़ की कमाई की थी. यह एक डिजास्टर फिल्म साबित हुई थी. इसी दिन रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म ‘चक दे इंडिया’ सुपरहिट रही थी.
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