Somnath Temple: 2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए 2 वजहों से खास है. साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था, जिसके 1000 साल पूरे हो रहे हैं. हाल में प्रधानमंत्री ने मंदिर को लेकर एक भावनात्मक लेख लिखा था. अब इसके बाद पीएम ने सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और शिव साधना की.
Somnath stands as a beacon of eternal divinity. Its sacred presence continues to guide people across generations. Here are highlights from yesterday’s programmes, including the Omkar Mantra chanting and drone show.#SomnathSwabhimanParv pic.twitter.com/lCZxiaauMp
— Narendra Modi (@narendramodi) January 11, 2026
दूसरा कारण ये है कि 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष हो गए हैं, इस अवसर पर 8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है.
ड्रोन शो में दिखाई प्राचीन आस्था की झलक
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमनाथ मंदिर परिसर में अरब सागर के तट पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया. ड्रोन शो में सनातन की भव्यता दिखाई गई. करीब 3000 ड्रोन के जरिए आकाश में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण का दृश्य, त्रिशूल, ओम, भगवान शिव का तांडव और पीएम की आकृति दिखाई.
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें 1000 साल भी बाद सोमनाथ मंदिर की भव्यता और दिव्यता की झलक दिखाई गई. समुद्र की लहरों के सामने खड़ा सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक स्थापत्य नहीं, बल्कि भारत की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है जो सदियों से अपनी अस्मिता को बचाए हुए है.
भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से निरंतर प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे। pic.twitter.com/XounUARIFb
— Narendra Modi (@narendramodi) January 9, 2026
सोमनाथ मंदिर पर क्यों हुए हमले
सोमनाथ मंदिर पर हमले का सबसे बड़ा कारण इसकी संपत्ति थी. मंदिर को राजाओं, व्यापारियों, विदेशी यात्रियों से भारी दान मिलता था. सोमनाथ मंदिर का खजाना सदियों से भारत की समृद्धि का प्रतीक रहा है, जिसे महमूद गजनवी ने 1026 ईस्वी में लूटा था, जिसमें भारी मात्रा में सोना, चांदी और कीमती रत्न शामिल थे.
ऐतिहासिक प्रसिद्धि के लिए मुगलों ने मंदिर को निशाना बनाया. आक्रमणकारी जानते थे, मंदिर पर हमला इतिहास में दर्ज होगा. प्रसिद्ध स्थल पर हमला आक्रमणकारी की सत्ता और भय का संदेश देता था.
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