Last Updated:
पंडित शिवकुमार शर्मा का सफर केवल संगीत का सफर नहीं था, बल्कि एक पिता के विश्वास और बेटे की मेहनत की अद्भुत मिसाल था. आइए, संगीतकार की जयंती पर उनकी जिंदगी को करीब से जानें.
नई दिल्ली: संतूर केवल कश्मीर के सूफियाना संगीत तक सीमित था. इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत के मंचों पर वह सम्मान प्राप्त नहीं था जो सितार या सरोद को मिलता था. पंडित शिवकुमार शर्मा ने इसके ढांचे और बजाने की तकनीक में बदलाव किए, ताकि यह शास्त्रीय रागों की बारीकियों को पकड़ सके. पंडित शिवकुमार शर्मा के पिता पंडित उमा दत्त शर्मा ने कहा था, ‘तुम्हें अंदाजा नहीं है कि तुम्हारे नाम और संतूर के साथ क्या होने वाला है.’ यह शब्द सच साबित हुए और आज संतूर का नाम लेते ही पंडित शिवकुमार शर्मा का चेहरा सामने आ जाता है.
बॉलीवुड में ‘शिव-हरि’ की जोड़ी
शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ पंडित शिवकुमार शर्मा ने फिल्म जगत में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी. प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के साथ मिलकर उन्होंने ‘शिव-हरि’ नाम से जोड़ी बनाई और कई सदाबहार फिल्मों में संगीत दिया, जिनमें चांदनी, लम्हें, डर, सिलसिला शामिल हैं. पंडित जी ने न केवल इस वाद्य यंत्र को जीवित रखा, बल्कि अपने बेटे राहुल शर्मा को भी इसमें निपुण बनाया, जो आज इस विरासत को सफलता के साथ आगे ले जा रहे हैं.
भारत सरकार ने किया सम्मानित
पंडित शिवकुमार शर्मा को संगीत में योगदान के लिए 1991 में पद्म श्री, 2001 में पद्म विभूषण जैसे बड़े अवॉर्ड से नवाजा गया. उनका मशहूर एल्बम ‘कॉल ऑफ द वैली’ है. आज उनकी जयंती पर उन्हें याद करना भारतीय शास्त्रीय संगीत के उस स्वर्ण युग को याद करने जैसा है, जिसकी गूंज हमेशा बनी रहेगी.
‘शिव-हरि’ जोड़ी हुई मशहूर
‘शिव-हरि’ ने मिलकर कई सदाबहार फिल्मी गीत रचे हैं. जोड़ी ने यश चोपड़ा की फिल्मों में संगीत देकर एक अलग ही ‘मेलोडी’ का दौर शुरू किया था. फिल्म ‘सिलसिला’ के गाने कंपोज किए. फिल्म ‘चांदनी’ के गानों को रचने का श्रेय भी उन्हें जाता है. उनका मशहूर एल्बम: ‘कॉल ऑफ द वैली’ है. अगर आप पंडित जी के शुद्ध शास्त्रीय संगीत का आनंद लेना चाहते हैं, तो इस एल्बम को जरूर सुनें. यह भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में सबसे अधिक बिकने वाले एल्बमों में से एक है. इसमें शिवकुमार शर्मा (संतूर), हरिप्रसाद चौरसिया (बांसुरी) और बृज भूषण काबरा (गिटार) ने एक साथ काम किया था. यह एल्बम कश्मीर की वादियों में एक दिन के सफर की कहानी संगीत के जरिए सुनाता है, जिसमें सुबह से रात तक के अलग-अलग रागों का समावेश है.
About the Author

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
![]()










