नशे में होने के बाद ई-रिक्शा चालक संजय आपा खो देता था। वह पत्नी की किसी से मोबाइल पर वीडियो कॉल करने की बात कहकर पिटाई करता था। हालांकि पुलिस की जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला। मां ने बताया कि बेटे ने 12 दिन पहले भी बहू को इतना पीटा था कि उसके दोनों पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उस दौरान किसी ने संजय के खिलाफ तहरीर नहीं दी थी। ऐसा होता तो उस पर कार्रवाई होती, तो शायद यह घटना न होती। एक साल पहले भी उसने छत से कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इस पर पुलिस ने आकर बचाया था।

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घटना के बाद जांच करते सीओ और कोतवाल
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मां सियादुलारी ने बताया कि संजय एक साल पहले कानपुर में ई-रिक्शा चोरी में जेल गया था। छह महीने पहले ही जमानत पर घर आया था। शराब का लती होने से घर में रुपयों को लेकर आए दिन विवाद होता था। बेटे के गुस्से के डर से वह पौत्र हर्ष और पौत्री खुशी को घर में न रखकर 700 मीटर दूर रिश्तेदार नन्हक्के के घर में लेटती थी। बहू के फोन पर बात करने पर सियादुलारी का कहना था कि हमें ऐसा कभी कुछ नहीं लगा। सास ने बताया कि नौ साल पहले दोनों का विवाह हुआ था। बहू वंदना का मायका औरास के गणेशखेड़ा गांव में है। वह छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर की थी।

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पौत्र और पौत्री के साथ गमगीन खड़ी मां सियादुलारी
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माता-पिता की मौत के बाद वृद्ध दादी पर आई बच्चों की जिम्मेदारी
मां की हत्या और पिता के आत्महत्या कर लेने से वृद्ध सियादुलारी के कंधों पर दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई। सियादुलारी ने बताया कि बड़ा बेटा संतोष परिवार के साथ 30 साल से लखनऊ में रह रहा है। वह संजय के परिवार से वास्ता नहीं रखता। दूसरे बेटे सजीवन ने विशेष वर्ग की युवती से विवाह कर लिया था। 25 साल से उसका भी कोई वास्ता नहीं है। तीसरा बेटा पप्पू दुष्कर्म के मामले में फतेहगढ़ जेल गया था। 14 साल पहले उसकी वहां मौत हो गई थी।

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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
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पहले डंडे से पीटा फिर रस्सी से गला घोंट दिया
नौनिहालगंज मोहल्ले में मंगलवार रात शराब के लती ई-रिक्शा चालक ने पहले पत्नी को डंडे से पीटा फिर रस्सी से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। बुधवार की सुबह पड़ोसियों ने शव फंदे से लटका देखा, तो पड़ोस में रह रही वृद्ध मां को जानकारी दी। मां ने बहू के कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, तो वह अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा, तो बहू का खून से लथपथ शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की डंडे से हमले की पांच चोटें और गला कसकर हत्या वहीं पति की हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई है।

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घ्रर के बाहर खड़ी पुलिस और भीड़
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लोगों की मदद से तोड़ा दरवाजा
बांगरमऊ कोतवाली के मोहल्ला नौनिहालगंज निवासी संजय गुप्ता (42) ई-रिक्शा चलाता था। मां सियादुलारी के मुताबिक बेटा शराब का लती था। आए दिन नशे में पत्नी वंदना (38) को पीटता था। मां ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात भी बेटे और बहू में विवाद हुआ था। बुधवार सुबह लोगों ने संजय का शव घर के पीछे की दीवार के सहारे रस्सी के फंदे से लटका देखा तो सूचना दी। वह बहू वंदना को बुलाने और घटना की जानकारी देने के लिए घर गईं तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तो लोगों की मदद से तोड़ा।
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