पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघदम ने ईरान और अमेरिका के बीच बने युद्ध के हालात पर बड़ा खुलासा किया है. मोघदम ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को बताया कि वह देश पर हमला नहीं करेंगे. ईरान से भी उन्होंने संयम बरतने की अपील की है. वहीं इसी मामले पर सीनियर सऊदी अधिकारी ने बताया कि सऊदी अरब, कतर और ओमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान को एक मौका देने के लिए मना लिया है.
‘द यरूशेलम पोस्ट’ के मुताबिक, कतर, सऊदी अरब और ओमान के अधिकारियों ने हमले रोकने की कोशिश में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पर्दे के पीछे काम किया.
ट्रंप ने क्या कहा है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, ‘हमें बताया गया कि ईरान में हत्याएं रुक रही हैं. फांसी की कोई योजना नहीं है. मुझे यह भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है. हम इसके बारे में पता लगाएंगे. मुझे यकीन है कि अगर ऐसा होता है, तो मैं बहुत परेशान होऊंगा. प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी नहीं दी जाएगी.
सुल्तानी को फांसी न देने के फैसले पर ट्रंप ने जताई खुशी
ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि फॉक्स ने रिपोर्ट किया है कि ईरान अब ईरानी प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी नहीं देगा. यह अच्छी खबर है. उम्मीद है, यह जारी रहेगा. दरअसल, 26 साल के इरफान सुल्तानी को बुधवार को मौत की सजा सुनाई थी.
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावों को बताया गलत
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बात से इनकार किया है कि ट्रंप ईरानी शासन पर हमला करने से पीछे हट रहे हैं.
All the headlines like these are examples of reporting that are beyond inaccurate. The circumstances around the necessary, decisive action to be taken against the evil Iranian regime have nothing to do with President Trump’s will or determination.
Nothing could be further from… pic.twitter.com/HrUtg7GfKu
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) January 15, 2026
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस तरह के दावे को गलत बताया है. ग्राहम ने आखिर में सलाह दी है कि इंतजार करें. बता दें, ग्राहम ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के समर्थक रहे हैं.










