बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल बीना परियोजना के महाप्रबंधक कार्यालय पर परियोजना से विस्थापित बेरोजगार युवकों द्वारा रोजगार की मांग को लेकर शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय थाना शक्तिनगर प्रभारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओबी कंपनी चेन्नई राधा में पिछले करीब आठ माह से रोजगार का आश्वासन दिए जाने के बावजूद नौकरी न मिलने से नाराज विस्थापित युवकों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया था। युवकों का कहना था कि वे लगातार कंपनी एवं एनसीएल प्रबंधन से रोजगार को लेकर संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
धरने की सूचना पर थाना शक्तिनगर प्रभारी कमल नयन दुबे मौके पर पहुंचे और कुछ प्रतिनिधि युवकों को थाना बुलाकर उनसे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विस्थापित युवकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि ओबी कंपनी के प्रभारी अधिकारियों एवं एनसीएल प्रबंधन से वार्ता कर शीघ्र ही समाधान की दिशा में उचित पहल की जाएगी। थाना प्रभारी के इस आश्वासन के बाद धरने पर बैठे युवकों ने अपना आंदोलन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया।
धरने में शामिल अंकुश दूबे, मनोज दूबे, सतीश दूबे, धीरेंद्र दूबे, राजेश दूबे, रमाकांत दूबे, कृष्ण दूबे, सीताराम दूबे, नंदू बियार, अरुण दूबे, रघु पंडित, दीपांशु सहित अन्य विस्थापित युवकों ने आरोप लगाया कि पिछले आठ माह से वे लगातार कंपनी एवं एनसीएल के अधिकारियों से रोजगार की मांग कर रहे हैं, लेकिन उच्च स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
विस्थापितों का कहना है कि पत्राचार और मौखिक वार्ता के माध्यम से अपनी समस्या अवगत कराने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्हें धरना प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही रोजगार को लेकर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पुनः आंदोलन शुरू करने के साथ-साथ कड़े निर्णय लेने को मजबूर होंगे।
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