चारबाग से बसंतकुंज के बीच मेट्रो के सेकेंड फेज का पहला टेंडर सोमवार को अवार्ड कर दिया गया। आएशा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 15.90 करोड़ रुपये में पांच साल के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी मेट्रो स्टेशनों की बिल्डिंग, सिविल, इंजीनियरिंग कार्यों की डिजाइन का काम करेगी।
लखनऊ मेट्रो के सेकेंड फेज(ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) के कार्यों ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। चारबाग से बसंतकुंज के बीच करीब 12 किमी लंबे सेक्शन का निर्माण 5801 करोड़ रुपये से किया जाएगा। इसमें 2900 करोड़ रुपये, राज्य व केंद्र सरकारें वहन करेंगी, जबकि शेष धनराशि ऋण ली जाएगी। इसी क्रम में मेट्रो प्रशासन ने टेंडर फाइनल करने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को सेकेंड फेज का पहला टेंडर अवार्ड कर दिया गया है।
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रूट पर पड़ने वाले मेट्रो स्टेशनों के लुक, इंजीनियरिंग, मैकेनिकल आदि डिजाइनों की जिम्मेदारी आएशा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। मेट्रो प्रशासन ने बताया कि गत वर्ष अगस्त में डिटेल्ड डिजाइन कंसल्टेंट (डीडीसी) कॉन्ट्रैक्ट के लिए टेंडर हुए थे। इसमें आएशा व सिस्ट्रा दो कंपनियों ने आवेदन किया था। आएशा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की न्यूनतम बिड थी, जिसके चलते सोमवार को टेंडर उसे अवार्ड कर दिया गया। 15.90 करोड़ रुपये में टेंडर हुआ है। कंपनी पांच साल तक मेट्रो के साथ काम करेगी।
यह काम करेगी कंपनी
मेट्रो प्रशासन ने बताया कि डीडीसी के अंतर्गत चारबाग से बसंतकुंज के बीच एलिवेटेड व भूमिगत मेट्रो स्टेशनों की डिजाइन कंपनी बनाएगी। साथ ही सिविल, आर्किटेक्चरल, इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल, ट्रैक्शन कार्य की डिजाइनिंग का काम भी कंपनी को मिला है। आसान भाषा में कहें तो मेट्रो स्टेशन पर लिफ्टें, एस्केलेटर, कमरे, प्रवेश, निकासी, सीढ़ियां, पार्किंग, दुकानें वगैरह कहां-कहां पर होंगी, इसकी डिजाइन कंपनी तैयार करेगी।
स्टेशनों का लुक होगा खास
सूत्र बताते हैं कि चारबाग से बसंतकुंज के बीच मेट्रो के सेकेंड फेज के स्टेशनों के लुक में ऐतिहासिकता, अवधी स्थापत्य कला आदि देखने को मिलेगी। चूंकि रूट के स्टेशन पुराने लखनऊ से गुजरेंगे, ऐसे में कंपनी स्टेशनों के डिजाइन तैयार करने में धरोहरों, कलाओं आदि का ध्यान रखेगी।











