बदायूं के दातागंज क्षेत्र में गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या के बाद उनके शवों के पोस्टमॉर्टम कराने से पहले जिला अस्पताल में एक्सरे कराए गए। इसके बाद बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे तक दोनों के पोस्टमॉर्टम हो सके। सामने आया है कि दोनों अधिकारियों को करीब दस कदम दूरी से ही गोली मारी गई। सुधीर गुप्ता को दो तो हर्षित मिश्रा को एक गोली लगी, जिससे दोनों की मौत होना पाया गया है। गोली 315 बोर के तमंचे से ही मारे जाने की पुष्टि हुई।
बता दें कि घटना में दो तमंचे इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक अजय ने प्लांट में घुसने के बाद दोनों हाथों से गोलियां चलाई थीं। कुल चार गोलियां चलाने बताया गया है। इन्हीं में से तीन गोलियां दोनों अधिकारियों को लगीं, जबकि एक गोली तमंचे में फंसी रह गई। गोली फंसे तमंचे के साथ ही अजय ने थाने में समर्पण किया। दूसरे तमंचे की बरामदगी के लिए ही पुलिस उसे लेकर जंगल गई, जहां मुठभेड़ होना बताया गया।
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हर्षित मिश्रा के परिजन शव को पीलीभीत के पूरनपुर को लेकर सरकारी एंबुलेंस से रवाना हुए। वहीं सुधीर के शव को नोएडा के सेक्टर 50 के रहने वाले परिवार के लोग ले गए। कंपनी के कुछ कर्मचारी अपनी-अपनी कार से निकले। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने में 12 घंटे का समय लग गया। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों को जो भी देख रहा था उसकी आंखे नम हो जा रहीं थीं। प्रशासन की ओर से एलएस सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई थी। जिनसे घर तक शवों को पहुंचाया जा सका।