अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी सेना पर काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाकर हवाई हमला करने का आरोप लगाया है। इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर कहा कि पाकिस्तान की ओर से किया गया यह हमला अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि हमले में मारे गए और घायल हुए अधिकांश लोग अस्पताल में इलाज करा रहे नशा पीड़ित थे।
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काबुल हमलों पर क्या बोली शहबाज सरकार?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि काबुल में किसी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना केवल उन ठिकानों पर कार्रवाई करती है, जहां से उसके खिलाफ हमले किए जाते हैं।
यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर संघर्ष तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। अफगान अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को सीमा पर हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत और दस लोग घायल हुए।
यूएनएससी ने की तालिबान से आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया है। पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में मौजूद समूह, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, देश के भीतर हमले करते हैं। काबुल इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
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दोनों देशों के बीच तनाव फरवरी के अंत में शुरू हुआ था, जब पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में अफगानिस्तान ने सीमा पार कार्रवाई की थी। तब से सीमा पर लगातार गोलाबारी और हवाई हमलों के कारण हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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