Ayodhya Shri Ram Yantra Sthapana: अयोध्या से है केरल की प्रसिद्ध संत अमृतानंदमयी अम्मा राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अयोध्या पहुंच चुकी हैं. कल वह देश की राष्ट्रपति के साथ श्री राम यंत्र स्थापना के भव्य आयोजन में मंच साझा करेंगी.
राम मंदिर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्वारा श्री राम यंत्र की स्थापना की जाएगी, जिसे आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस अवसर पर अम्मा ने गहरा आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि सेवा ही मुक्ति का मार्ग है और इस संसार में वास्तव में हमारा निजी कुछ भी नहीं है—सब कुछ ईश्वर का है। उन्होंने कहा कि वह सदैव लोगों की भावनाओं और इच्छाओं के अनुरूप ही कार्य करती हैं.
अम्मा ने श्री राम यंत्र को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान और आत्म-जागरण का प्रतीक बताया. उनके अनुसार यह स्थापना व्यक्ति को अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति सच्चे ज्ञान को आत्मसात कर लेता है, तो जीवन की कठिन परिस्थितियाँ भी उसे विचलित नहीं कर पातीं.
रामायण का उल्लेख करते हुए अम्मा ने कहा कि भगवान राम ने सदैव मर्यादा और धर्म का पालन किया. लंका विजय के बाद भी उन्होंने धर्म की स्थापना को प्राथमिकता दी, जो त्याग और आदर्श जीवन का सर्वोच्च उदाहरण है. उन्होंने कहा कि चाहे राजा हो या आम व्यक्ति, सभी को अपने कर्तव्यों का पालन धर्म और न्याय के आधार पर करना चाहिए.
अम्मा ने प्राण प्रतिष्ठा और यंत्र स्थापना को आंतरिक ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा कि जैसे चंद्रमा के प्रभाव से समुद्र में ज्वार आता है, वैसे ही दिव्य ऊर्जा हमारे भीतर भी विद्यमान है—बस उसे जागृत करने की आवश्यकता है.
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