अभिषेक कपूर का जन्म 6 अगस्त 1971 को हुआ. वह एक साधारण परिवार में बड़े हुए, लेकिन फिल्म बनाने का सपना देखते रहे. उन्होंने कोई औपचारिक फिल्म स्कूल की पढ़ाई नहीं की, फिर भी हिंदी सिनेमा में अपनी खास जगह बनाई. उन्होंने अपनी मेहनत और अनुभव से फिल्मी दुनिया में नाम कमाया.
अभिषेक ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1995 में मोनिका बेदी के साथ फिल्म ‘आशिक मस्ताने’ से की और इसके बाद ‘उफ्फ! ये मोहब्बत’ में नजर आए. दोनों ही फिल्में कुछ खास नहीं चलीं. इस असफलता के बाद उन्होंने समझा कि वह एक अभिनेता के तौर पर अपना करियर नहीं बढ़ा सकते. इसके बाद उन्होंने निर्देशन और लेखन में अपनी किस्मत आजमाई और 2006 में सोहेल खान और स्नेहा उल्लाल की लीड रोल वाली स्पोर्ट्स ड्रामा ‘आर्यन: अनब्रेकेबल’ से निर्देशन शुरू किया. यह फिल्म दर्शकों को पसंद आई, लेकिन उम्मीद के अनुसार सफलता नहीं मिली.
ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाई
2008 में आई म्यूजिकल ड्रामा ‘रॉक ऑन!’ से अभिषेक कपूर को लोकप्रियता मिली. यह फिल्म भारतीय सिनेमा में म्यूजिकल ड्रामा की एक नई मिसाल बनी. फिल्म की कहानी, संगीत और कलाकारों के अभिनय को काफी सराहा गया. इस फिल्म के लिए उन्हें हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला. साथ ही फिल्मफेयर पुरस्कार में ‘रॉक ऑन!’ को सर्वश्रेष्ठ कहानी का पुरस्कार दिया गया. इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म, निर्देशक और पटकथा के लिए भी नामांकित किया गया. इस सफलता ने साबित कर दिया कि फिल्म स्कूल की डिग्री ना होने से करियर में कोई बड़ी बाधा नहीं आती, अगर आपकी मेहनत और कला मजबूत हो तो आप चमक सकते हैं.
2013 में अभिषेक ने चेतन भगत के उपन्यास ‘The 3 Mistakes of My Life’ पर बनी फिल्म ‘काई पो चे!’ का निर्देशन और लेखन किया. यह फिल्म दोस्ती, राजनीति और समाज के मुद्दों को अच्छे ढंग से दिखाती है. ‘काई पो चे!’ को दुनिया के बड़े फिल्म महोत्सव बर्लिन में भी दिखाया गया और इसे आलोचकों ने भी सराहा. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की. फिल्म के लिए अभिषेक को फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पटकथा का पुरस्कार भी मिला. इस फिल्म में उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत को कास्ट किया था. जिनके साथ उन्होंने आगे चलकर केदारनाथ भी की थी. अभिषेक, एक्टर के लिए मसीहा साबित हुए थे जिन्होंने एक टीवी एक्टर को फिल्मों में मौका दिया.
किताब पर थी फितूर
2016 में उन्होंने चार्ल्स डिकेंस की मशहूर किताब ‘ग्रेट एक्सपेक्टेशंस’ का रूपांतरण ‘फितूर’ बनाया, जिसमें तब्बू, कैटरीना कैफ और आदित्य रॉय कपूर मुख्य किरदारों में नजर आए.
2018 में उन्होंने ‘केदारनाथ’ का निर्देशन किया, जो 2013 में उत्तराखंड में आई बाढ़ के दौरान बनी एक अंतर-धार्मिक प्रेम कहानी थी. इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान थे. ‘केदारनाथ’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और आलोचकों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली.
फिल्म की कहानी
2021 में उन्होंने ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ बनाई, जो एक जिम ट्रेनर की कहानी है, जिसे एक ट्रांसजेंडर महिला से प्यार हो जाता है. इस फिल्म को भी आलोचकों ने पसंद किया और यह औसत व्यावसायिक सफलता हासिल करने में कामयाब रही. इसके लिए अभिषेक को फिल्मफेयर पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ कहानी का दूसरा पुरस्कार मिला. उन्होंने अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी ‘गाइ इन द स्काई पिक्चर्स’ भी शुरू की.