सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को विभाजन की त्रासदी पर आधारित घटनाओं की डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। साथ ही, विभाजन पर आधारित रंगोली और स्टैंडियों के माध्यम से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने उस समय के दर्दनाक इतिहास को सजीव कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि विभाजन की विभीषिका इतिहास का ऐसा करुण अध्याय है, जिसने स्वतंत्रता का अमृत तो दिया, लेकिन साथ ही असंख्य जख्मों का दर्द भी छोड़ा। पंजाब, जम्मू-कश्मीर और सीमावर्ती प्रांतों के लाखों लोगों को अपने घर, जमीन और प्रियजनों को छोड़कर पलायन करना पड़ा। महिलाओं ने भी अकल्पनीय कठिनाइयों का सामना किया।

उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल पीड़ा को याद करने का ही नहीं, बल्कि एक संकल्प लेने का अवसर है कि भारत की एकता, अखंडता और भाईचारे की रक्षा हर हाल में की जाएगी। जिलाधिकारी ने इसे उन सभी शहीदों, विस्थापित परिवारों और पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने का अवसर बताया, जिनके बलिदान और संघर्ष ने आज का स्वतंत्र भारत बनाया। कार्यक्रम में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल, प्रवक्ता डायट सोनभद्र नीरज शर्मा, प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. आरती सिंह (राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राबर्ट्सगंज) और प्रभारी प्रधानाचार्य अमर सिंह (जी.एच.एस. बेलहथी) ने भी विभाजन विभीषिका के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार रखे।
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