‘कितने आदमी थे… ‘, ‘इन कुत्तों के सामने मत नाच बसंती’ से लेकर ‘तेरा क्या होगा कालिया…’ तक ये वो डायलॉग्स हैं, जो 50 सालों के बाद भी लोगों के लिए बिलकुल ताजा हैं. फिल्म को आज रिलीज हुए पूरे 50 साल हो गए हैं. आपने फिल्म के कई किस्सों को सुने होंगे, लेकिन क्या आप वो किस्सा जानते हैं, जब मुंबई एक थिएटर में फिल्म चल रही थी और अचानक स्क्रीन काली हो गई.
भारतीय सिनेमा के इतिहास की एतिहासिक फिल्म
कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं. जिन्हें सालों बाद देखो या दशकों बाद, उस फिल्म का मजा जरा कम नहीं होता है. ऐसी ही एक आइकॉनिक फिल्म है ‘शोले’.
थिएटर में जब काली हो गई स्क्रीन
एनडीटीवी को दिए एक पुराने इंटरव्यू में रमेश सिप्पी ने मुंबई के मिनर्वा थिएटर हुई एक घटना का जिक्र किया था. डायरेक्टर के मुताबिक, एक दिन जब वह थिएटर पहुंचे तो फिल्म के दौरान स्क्रीन बार-बार काली हो रही थी, लेकिन ऑडियो चलता रहा. हैरानी की बात यह थी कि दर्शक अपनी सीट से टस से मस नहीं हुए, बल्कि सीट पर बैठकर डायलॉग सुनते रहे. बाद में पता चला कि प्रोजेक्टर में लगने वाला कार्बन समय पर बदला नहीं जा रहा था, जिसके कारण यह दिक्कत आई. इसके बाद रमेश सिप्पी ने खुद रोज थिएटर आकर नया कार्बन सप्लाई करने का फैसला किया, ताकि फिल्म बिना रुकावट के चल सके.
आपातकाल का असर और शो टाइमिंग

सलीम-जावेद की लिखी स्क्रिप्ट पर जब फिल्म तो इसने आग लगा दी. अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, संजीव कुमार, हेमा मालिनी से लेकर जया बच्चन जैसे सितारे लीड रोल में थे. फोटो: IMDb
जब 20 मिनट की फिल्म को करना पड़ा जबदस्ती एडिट
सिप्पी ने बताया था, ‘हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या हटाएं, लेकिन अंत में हमने असरानी और जगदीप के कॉमेडी सीन्स को छोटा कर दिया.’ इससे फिल्म 3 घंटे की रह गई, लेकिन दर्शकों को यह बदलाव पसंद नहीं आया. कुछ लोगों ने पुराने शो में देखे गए सीन्स के बारे में दोस्तों से बात की. जब नए शो में यह सीन नहीं दिखे तो दर्शकों ने उन्हें वापस लाने की मांग की.
‘शोले’ की यादगार स्टारकास्ट
‘शोले’ में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया बच्चन, संजीव कुमार और अमजद खान (गब्बर सिंह) जैसे सितारों ने शानदार एक्टिंग की. अमजद खान का ‘गब्बर’ का किरदार आज भी हिंदी सिनेमा का सबसे यादगार विलेन माना जाता है.
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