बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल बीना परियोजना के आवासीय परिसर में हरतालिका तीज का पर्व बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिसर में स्थित भगवान शंकर के मंदिर में सुहागिन महिलाओं ने भारी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपने पति की लंबी उम्र एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंगलवार की सायं लगभग 5 बजे मंदिर परिसर में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हरतालिका तीज के व्रत को सुहागिन महिलाएं विशेष महत्व के साथ करती हैं। इस व्रत में महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और पूरे दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
पूजा के दौरान पुजारी ने भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी साधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से यह व्रत सुहागिनों के लिए अत्यंत पूजनीय और फलदायी माना जाता है। मंदिर परिसर में महिलाएं पारंपरिक परिधान और श्रृंगार से सजी-धजी नजर आईं। पूजा-अर्चना और कथा श्रवण के बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से शिव-पार्वती की आरती उतारी। इसके साथ ही पति की दीर्घायु, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार की समृद्धि की मंगल कामना की।

एनसीएल बीना आवासीय परिसर में हरतालिका तीज का यह आयोजन महिलाओं की आस्था, भक्ति और परिवार के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर धार्मिक माहौल में पूरे परिसर में उत्साह और श्रद्धा का अनोखा संगम देखने को मिला।