महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने एनडीए उम्मीदवार के रूप में 452 वोट हासिल किए, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। इस जीत के बाद देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं।
इसी बीच पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी अपने उत्तराधिकारी को पत्र लिखकर बधाई दी। यह उनका जुलाई में पद छोड़ने के बाद पहला सार्वजनिक बयान था। धनखड़ ने लिखा कि राधाकृष्णन का इस उच्च पद पर पहुंचना जनप्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके विशाल अनुभव के कारण उपराष्ट्रपति का पद और अधिक सम्मान और गरिमा हासिल करेगा।
Former Vice President Jagdeep Dhankhar greets his successor CP Radhakrishnan. pic.twitter.com/m6WorHvNWJ
— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2025
पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं
धनखड़ ने अपने संदेश में उम्मीद जताई कि राधाकृष्णन के नेतृत्व में उपराष्ट्रपति का कार्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा और लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। उन्होंने उन्हें सफल कार्यकाल और देश की सेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।
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गौरतलब है कि धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने देश में नई उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया को जन्म दिया। अब राधाकृष्णन की जीत से न केवल सत्ताधारी गठबंधन को मजबूती मिली है बल्कि देश को एक अनुभवी और सशक्त उपराष्ट्रपति भी मिल गया है।
चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए
इस उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 767 वोट डाले गए थे। इनमें से 752 वोट वैध पाए गए, जबकि 15 वोट अमान्य घोषित किए गए। राधाकृष्णन की जीत ने न केवल एनडीए को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
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इस चुनावी प्रक्रिया के पूरा होने के साथ ही राधाकृष्णन अब उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और राज्यसभा के सभापति के रूप में भी जिम्मेदारी संभालेंगे। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे के उम्मीदवार रेड्डी को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया। नतीजों ने एक बार फिर दिखा दिया है कि एनडीए फिलहाल संसद में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।











