सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर चर्चा की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सोनभद्र जनपद की अर्थव्यवस्था कृषि, उद्योग, खनन और सेवा क्षेत्र पर आधारित है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की आर्थिक क्षमता को पहचानते हुए हर विभाग अपने-अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करें। जिलाधिकारी ने कहा कि सोनभद्र देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले जिलों में गिना जाता है और यहां कृषि के साथ औद्योगिक एवं पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में गेहूं, चावल, मिर्चा और टमाटर जैसी प्रमुख फसलें होती हैं, जो कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र में सक्रिय इकाइयों को और अधिक सशक्त करने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने पर्यटन को जनपद की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि यहां के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक पर्यटक सोनभद्र आएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि “प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने में सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री जागृति अवस्थी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री संत पाल वर्मा, अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री जय सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह, सहायक पर्यटन अधिकारी श्री राजेश भारती सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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