बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर ओड़िया समाज का पारंपरिक पर्व बोइत (नाव) पूजन उत्सव बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। उत्सव का शुभारंभ सुबह 5 बजे रामजानकी मंदिर प्रांगण स्थित तालाब में पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने परंपरागत रूप से छोटी नावों का पूजन कर उन्हें जल में प्रवाहित किया।
भोर से ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देने लगी और पूरा वातावरण भक्ति भावना से सराबोर हो गया। इसके बाद गंगा आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में जब जहाज नहीं होते थे, उस समय ओड़िशा के व्यापारी इसी दिन छोटी नावों से समुद्री यात्रा कर विदेशों में व्यापार के लिए प्रस्थान करते थे। उनके शुभ और सुरक्षित व्यापारिक सफर की कामना के लिए आज भी महिलाएं व्रत रखकर देवी की आराधना करती हैं।

कार्यक्रम में विश्वजीत विश्वाल, मानस नायक, कालुचरण, सुशांत, अमिया सहित बड़ी संख्या में ओड़िया समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत किया।
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