लखनऊ/एबीएन न्यूज़। माननीय प्रधानमंत्री की कर्मयोगी सोच तथा सेवा भाव को प्रोत्साहित करने की भावना के अनुरूप आरडीएसओ में तीन दिवसीय कर्मयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 17 नवंबर 2025 से 19 नवंबर 2025 तक केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को कर्मयोगी कोचेस (मास्टर ट्रेनर्स) के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
आईआरआईटीएम, लखनऊ के वरिष्ठ विशेषज्ञ संकाय – लीड ट्रेनर श्री मुदित आनंद, वरिष्ठ प्रोफेसर, तथा प्रोफेसर कृष्णा तिवारी ने प्रतिभागियों को कर्मयोगी मॉडल के विभिन्न आयामों, जन सेवा के सिद्धांतों तथा कार्यस्थल पर दक्षता बढ़ाने संबंधी आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों का विस्तृत ज्ञान प्रदान किया। कार्यक्रम में आरडीएसओ के कुल 28 वरिष्ठ पर्यवेक्षकों ने भाग लिया और सफलतापूर्वक कर्मयोगी कोच के रूप में प्रमाणित हुए।
समापन समारोह 19 नवंबर 2025 को आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री क़ाज़ी मैराज अहमद, अपर महानिदेशक/आरडीएसओ शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि व्यापक स्तर पर संचालित यह प्रशिक्षण भारतीय रेलवे के विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और कर्मचारियों की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्रधान कार्यकारी निदेशक और आरडीएसओ के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान अपर महानिदेशक/आरडीएसओ द्वारा नए प्रशिक्षित कर्मयोगी कोचेस (मास्टर ट्रेनर्स) को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई। यह कार्यक्रम न केवल क्षमता निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में रेलवे सेवाओं को और अधिक दक्ष, संवेदनशील तथा जन-केंद्रित बनाने की दिशा में भी सार्थक पहल मानी जा रही है।
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