बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। बीना परियोजना के मुख्य द्वार पर रोजगार की मांग को लेकर सोमवार से चल रहा विस्थापितों का धरना बुधवार शाम 6 बजे प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। दर्जनों विस्थापित युवक ओबी कंपनी चेन्नई राधा इंजीनियरिंग में समायोजन की मांग को लेकर परियोजना के गेट पर बैठ गए थे, जिससे परियोजना प्रशासन में हड़कंप की स्थिति बन गई थी। गेट बंद होने से आवागमन और कामकाज प्रभावित होने लगा था।
परियोजना प्रशासन की ओर से कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन धरने पर बैठे युवा रोजगार की लिखित सहमति के बिना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं थे। मामले की गंभीरता बढ़ने पर एसडीएम दुद्धी निखिल यादव मौके पर पहुंचे और धरनारत युवाओं से विस्तृत वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्होंने 25 नवंबर 2025 तक विस्थापित युवाओं के समायोजन का आश्वासन दिया। प्रशासनिक आश्वासन के बाद सभी युवक राजी हो गए और धरना समाप्त कर दिया गया।

इसी क्रम में ग्राम बांसी के छह भू-विस्थापित युवाओं की दो दिन से जारी भूख हड़ताल भी एसडीएम निखिल यादव ने जूस पिलाकर समाप्त कराई। भूख हड़ताल के दौरान युवाओं ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लंबे समय से रोजगार न मिलने पर रोष जताया।

विस्थापित युवाओं का कहना है कि रोजगार उनका वैधानिक अधिकार है और वर्षों से आंदोलन करने के बावजूद उन्हें अब तक समुचित अवसर नहीं मिला है। अधिकारियों के आश्वासन पर आंदोलन तो समाप्त किया गया है, लेकिन युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक समायोजन न होने पर वे पुनः व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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