वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित गौरी गोपाल आश्रम के सामने से आठ दिन पहले एक युवक बालिका का अपहरण कर ले गया। अपहरण की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस ने आश्रम के सीसीटीवी कैमरे खंगालकर अपहरणकर्ता की पहचान की। आठ दिन बाद पुलिस ने बुधवार को अपहरणकर्ता को दबोच लिया और बालिका को सकुशल अपने संरक्षण में ले लिया। हालांकि पुलिस मामले को दबाते हुए रफादफा करने के प्रयास में जुटी है, लेकिन बालिका के परिजन अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने के लिए अड़ गए हैं। अपहरण की घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।
अलीगढ़, टप्पल के पालर गांव निवासी राम, पत्नी सोनिया और पांच साल की बेटी जया के साथ पिछले डेढ़ साल से वृ़ंदावन में रह रहे हैं और मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं। 12 नवंबर को राम शटरिंग का कार्य करने के लिए गए थे। शाम को करीब पांच बजे सोनिया अपनी पांच साल की बेटी जया को लेकर गौरी गोपाल आश्रम गईं। तभी मां की नजर हटते ही एक युवक बालिका को अपने साथ आश्रम के बाहर ले गया और ऑटो में बैठकर चला गया।
मां ने बालिका को अपने पास न पाकर शोर मचाया तो लोग जमा हो गए। पुलिस को बालिका के अपहरण की सूचना दी गई। पुलिस ने आश्रम में लगे सीसी कैमरे खंगाले। जिसमें कंबल ओढ़े युवक देखा गया जो कि बालिका को अपने साथ ले जाता दिखा। पुलिस ने उसकी पहचान कर तलाश शुरु कर दी। बालिका की दादी लक्ष्मी ने बताया कि वृंदावन और मध्यप्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अपहरण करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया और बालिका को भी सकुशल छुड़ा लिया।
कई दिन तक खाना पीना नहीं दिया, मारपीट भी की
बालिका की दादी ने बताया कि युवक ने बालिका के साथ मारपीट की और खाना पीना भी नहीं दिया। बालिका के शरीर पर चोट के भी निशान हैं। बालिका डरी सहमी हुई है। फिलहाल पुलिस ने उसे परिजन के सुपुर्द कर दिया है। लेकिन अभी वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। मां के पूछने पर बता रही है कि अंकल ने बहुत मारा है। सीओ सदर संदीप सिंह ने बताया कि गौरी गोपाल आश्रम से एक युवक बालिका को ले गया था, जिसे बरामद कर लिया है। युवक से पूछताछ की जा रही है। बालिका के परिजन की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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