सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। अध्यक्ष, शक्तिनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) एवं आयुक्त विंध्याचल मंडल मीरजापुर श्री राजेश प्रकाश ने 25 नवंबर 2025 को सिंचाई विभाग पिपरी के गेस्ट हाउस में साडा के विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में साडा की सचिव एवं मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अधिशासी अभियंता, जेई, विद्युत विभाग के एसडीओ व अवर अभियंता सहित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आयुक्त ने पुल, पुलिया, सड़क, भवन व बाउंड्रीवॉल से संबंधित निर्माण परियोजनाओं की प्रगति पर विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी बिंदुओं की विस्तार से जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सामानों की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से ही की जाए, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो।
ऐसे निर्माण कार्य जो वन क्षेत्र में लंबित अनुमोदन के कारण रुके हैं, उनके लिए आयुक्त ने विभागों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाकर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बजट की कमी के कारण अधूरे पड़े कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना बनाकर अतिरिक्त बजट तत्काल मांगा जाए, ताकि विकास कार्यों में बाधा न आए।
आयुक्त ने विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को तुरंत अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही साडा क्षेत्र के महत्वपूर्ण चौराहों, तिराहों, संवेदनशील स्थानों एवं जनपदीय सीमाओं पर CCTV कैमरे लगाने को प्राथमिकता देने का आदेश दिया।

जनसुविधाओं के लिए यात्री शेड, पेयजल और टॉयलेट निर्माण शीघ्र शुरू करने का आदेश, म्योरपुर ब्लॉक के हाथीनाला में थाना भवन के पास यात्री शेड, कम्युनिटी टॉयलेट और सोलर वॉटर पंपयुक्त पेयजल सुविधा के निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में साडा अध्यक्ष ने सोनघाटी के पास एक बड़े प्रवेश द्वार (गेट) के निर्माण, साडा का मोबाइल ऐप विकसित करने, अतिरिक्त आवश्यक कर्मचारी नियुक्त करने और औड़ी स्थित भूमि पर बाउंड्रीवॉल निर्माण को मंजूरी दी। इसके अलावा ओबरा स्थित साडा की भूमि पर नए साडा कार्यालय भवन के निर्माण का भी निर्देश दिया गया।
आयुक्त ने टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने पर विशेष जोर देते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह आवश्यकता अनुसार स्थलों का चिन्हांकन कर ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे अधिकतम जनता लाभान्वित हो सके।
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